पानीपत। नगर निगम के 20 से भी ज्यादा विकास कार्य अलॉट होने के बाद भी शुरू नहीं हो सके हैं। जबकि 20 से ज्यादा काम बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। ये बातें निगम अधिकारियों की समीक्षा में सामने आई हैं। जिस पर निगम एक्सईएन राहुल पूनिया ने संज्ञान लेते हुए ऐसे करीब 40 एजेंसिंयों को चिह्नित कर नोटिस भेजे हैं। जिसमें एजेंसी संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे तत्परता और गुणवत्तापूर्वक काम करें। इसके बाद भी लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ निगम कार्रवाई करेगा।
एक्सईएन ने नोटिस से ठेकेदारों और एजेंसियों से कहा है कि अनुबंधित परियोजनाओं की शुरुआत में पर्याप्त देरी हो रही है। अस्वीकार्य रूप से धीमी गति से प्रगति कर रहे हैं। यह स्थिति गंभीर चिंता का कारण है। इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है। इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं की देखरेख के लिए जिम्मेदार कार्यकारी अभियंता के रूप में उन्होंने सभी ठेकेदारों को स्थिति की गंभीरता पर जोर देने और आगे बढ़ने की अपेक्षाओं को रेखांकित करने के लिए यह नोटिस जारी किया है।
वर्तमान अवलोकन पर उन्होंने कहा कि सभी चल रही परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की,जिसमें काम शुरू करने में विफलता के केस भी सामने आए। आधिकारिक कार्य आदेश और आवश्यक मंजूरी प्राप्त होने के बावजूद, बड़ी संख्या में ठेकेदारों ने अभी तक अपनी अलॉट की गई परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं किया है। उन्होंने कहा कि परियोजना शुरू होने में यह देरी अस्वीकार्य है। जो उनके समग्र विकास समय को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। निष्पादन की धीमी गति पर भी एक्सईएन ने कहा कि ऐसे मामलों में जहां काम शुरू हो गया है, उनके निष्पादन की गति अपेक्षित और सहमत समय सीमा से बहुत कम है। यह सुस्त प्रगति परियोजना पूरा होने की तारीखों को खतरे में डालती है और लागत और सार्वजनिक असुविधा का कारण बन सकती है।
इसके अलावा देरी के निहितार्थ पर एक्सईएन राहुल पुनिया ने कहा कि वर्तमान स्थिति में अगर बिना काम को बिना किसी ठोस छोड़ दिया जाता है, तो गंभीर प्रभाव होंगे। क्षेत्र के लिए समग्र विकास योजना का विघटन और लोगों में असंतोष से लेकर अनुबंध शर्तों का उल्लंघन करने पर संभावित कानूनी और वित्तीय कार्रवाई की जा सकती है।