अब भारतीय किसान यूनियन ने शंभू बॉर्डर पर कूच किया है। भाकियू की जिला कार्यकारिणी पिछले कई दिनों ने गांव गांव घूमकर किसानों को शंभू बॉर्डर पर पहुंचने का न्योता दे रही थी। भाकियू के नेताओं ने मंगलवार को बांध, बुआना लाखू गांव, शाहपुर, कैथ, ढोढ़पुर गांव का दौरा किया और कई जगह बड़ी जनसभाएं कर किसानों को शंभू बॉर्डर कूच करने की अपील की। पानीपत के किसान बुधवार सुबह नौ बजे किसान भवन में एकत्रित हुए उसके बाद शंभू बॉर्जर के लिए निकल लिए। जानकारी के अनुसार करीब दो हजार किसान 350-400 कार व जीपों में सवार होकर शंभू बॉर्डर पहुंचेंगे। इसके बाद पानीपत से हजारों ट्रैक्टरों पर सवार होकर किसान दिल्ली की ओर कूच करेंगे।
किसानों के पीछे पड़ी पुलिस
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान प्राइवेट गाड़ियों में मंगलवार सुबह रवाना हुए। किसान नेता हरेंद्र राणा और अन्य नेताओं की अगुवाई में किसान दस गाड़ियों में रवाना हुए। किसान भवन पर पुलिस तैनात रही। डीएसपी मुख्यालय धर्मबीर खर्ब ने पुलिसबल के साथ गाड़ियों का पीछा किया। पंजाब के किसानों की मदद के लिए भारतीय किसान यूनियन आगे आई है।
वहीं दूसरी और पानीपत पुलिस ने किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को पानीपत से डायवर्ट कर दिया। दिल्ली की ओर से आने वाले भारी वाहनों को सिवाह गांव के पास से यमुना एक्सप्रेस वे पर भेजा जा रहा है। इन वाहनों को शामली, मुजफ्फरनगर, यमुनानगर से होते हुए चंडीगढ़ के लिए निकाला जा रहा है। ऐसे में यहां जाम की स्थिति भी बनी हुई है। भारतीय किसान यूनियन गांवों में जाकर किसानों को शंभू बॉर्डर पर कूच करने की अपील के साथ आंदोलन को गति देने के लिए रणनीति तैयार कर रही है। पुलिस का गुप्तचर विभाग भी किसानों की सभाओं पर नजर रख रहा है। एसपी भी इस मामले में सभी विंगों से अपडेट भी ले रहे हैं। गुप्तचर विभाग की ओर से रेलवे को भी किसानों के कूच को लेकर अलर्ट किया जा रहा है।
उद्यमियों को करोड़ों के नुकसान की आशंका
जानकारी के अनुसार किसान आंदोलन के कारण टेक्सटाइल नगरी को काफी घाटा हो रहा है। उद्यमियों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। पानीपत के उद्यमियों के मुख्य निर्यातक दिल्ली बैठते हैं। यहां से उनके पास माल भेजा जाता है। अब 13 फरवरी से ही दिल्ली के कुंडली व टिकरी बॉर्डर को सील कर दिया गया है। ऐसे में उद्यमियों को दिल्ली माल भेजने में काफी परेशानी हो रही है। समय पर माल नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में पानीपत के उद्यमियों से बायर भी नाराज हो रहे हैं। उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका है। ट्रांसपोर्टर भी जल्द भाड़ा बढ़ाने की बात कह रहे हैं, इससे भी उद्यमी चिंतित है।