पानीपत। भले ही विकास कार्य कई माह बाद तक शुरू हों या न हो, लेकिन नेताजी उनका शुभारंभ और नारियल फोड़ने से नहीं चूकते। दूसरी ओर वार्ड नंबर नौ में वीरभवन चुंगी के पास पिछले दो माह से पैकिंग में बंद वीर शिवाजी की मूर्ति अपने अनावरण का इंतजार कर रही है। इस ओर शहर के किसी भी नेता का ध्यान नहीं गया। अब शहर के लोगों को ये समझ नहीं आ रहा है कि इस मूर्ति के अनावरण में इतनी देर क्यों लगाई जा रही है। निगम ने इस मूर्ति को करीब 12 लाख रुपये की लागत से तैयार करवाया। शहर के नेताओं को पसंद न आने पर एक बार इस मूर्ति को बदलवाया भी गया, लेकिन अब गन मैटल से तैयार यह मूर्ति अपने अनावरण के इंतजार में पैकिंग से ढकी है। शहर के नेताओं का कहना है कि वे पहले इस चौक का नाम रखेंगे। फिर मूर्ति का अनावरण करेंगे।
इससे पहले इस मूर्ति को ब्लैक ग्रेनाइट से तैयार करवाया गया था। जो शहर के नेताओं को रास नहीं आई। उससे भी पहले वीर शिवाजी की मूर्ति पर भी वाद-विवाद हो चुके हैं। आरोप लग चुके थे कि उनकी मूर्ति सही ढंग से तैयार नहीं की गई। उनके घोड़े के पैर और तलवार पर भी चर्चाएं चली। इसके अलावा उस मूर्ति के साइज पर भी काफी चर्चाएं चली। जिसके बाद निगम और शहर के नेेताओं ने एक बेहतरीन मूर्ति बनवाने का फैसला लिया। इस मूर्ति को राजस्थान से स्पेशल बनवाया गया। जिसका साइज सात बाय चार का रखा गया।
वीर शिवाजी की मूर्ति को अब लेटेस्ट गन मैटल से तैयार करवाया गया है। इसकी पॉलिश चमकदार है। इसके बेस पर भी लाइटों को लगवाया गया है। जो रात को इस मूर्ति पर पड़ेंगी और इसकी सुंदरता की छटा चारों ओर बिखेरेंगी। ये मूर्ति शहर में अक्तूबर माह में आ चुकी है। अब दिसंबर तक भी ये पैकिंग में ही ज्यों की त्यों रखी है।
वीर शिवाजी की मूर्ति का जल्द ही अनावरण किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष तिथि का इंतजार है।
- प्रमोद विज, विधायक, शहरी, पानीपत।