पानीपत। सिवाह गांव में नया बस स्टैंड शुरू करने के छठे दिन भी बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में चिलचिलाती गर्मी में यात्री बसों को इंतजार करने को मजबूर हैं। अधिकारी उनकी कोई सुनवाई नहीं करते। नए बस स्टैंड पर खान-पान की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। यात्री सफर के बाद आगे शहर में आते समय पानी तक न मिलने पर अधिकारियों को कोसते रहते हैं। इधर टोल प्लाजा पर चालकों के बीच सड़क में बस रोकने पर यात्री जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। यह बात अलग है कि अब सिटी बसों की संख्या बढ़ने से स्थानीय यात्रियों को थोड़ी राहत मिली है। वहीं रोडवेज बसों के शहर में दाखिल न होने से जीटी रोड पर जाम से भी कुछ राहत है। रोडवेज ने यात्रियों को राहत देते हुए सिटी बसों की संख्या बढ़ाकर 12 कर दी है।
उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई को सिवाह गांव में नए बस स्टैंड का उद्घाटन किया गया था। गौरतलब है कि लगभग 17 करोड़ की लागत खर्च करके तैयार हुए नए बस स्टैंड पर यात्री अभी तक बिजली, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे है। सफर कर लौटे यात्री वाटर कूलर की तरफ जाते हैं, तो बंद पड़े वाटर कूलर देख लौट जाते हैं। कई बार सिटी बस मिलने में देरी होती है, तो यात्री बाहर से ऑटो लेकर अपने गंतव्यों की ओर निकल जाते है। दूसरी ओर पानीपत टोल प्लाजा पर तो हालात इससे भी बदतर है। यहां उतरने वाली सवारियों के लिए किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं है। चालक यात्रियों को सेकेंड और थर्ड लेन में उतार देते हैं, तो यात्रियों के लिए सामान सहित सड़क पार कर दूसरी ओर आना मजबूरी बन जाता है। यात्री बस क्यू शेल्टर बनने का इंतजार कर रहे है।
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डायरी दिखाते रहे कर्मचारी, फिर भी बीच में रोकते हैं बस
पानीपत डिपो के दो चालक जगदीश और राजेंद्र शनिवार को टोल प्लाजा पर ड्यूटी देते दिखे। कर्मचारी टोल पार करने वाली हर रोडवेज बस को डायरी दिखाकर साइड में बस रोकने का इशारा करते, लेकिन अधिकतर लंबे रूट के चालक उन्हें नजरअंदाज कर देते। फिर सवारियों के बस रोकने की आवाज सुन बीच सड़क में ही ब्रेक लगाकर यात्रियों को हाइवे के बीचोंबीच उतार देते। रोडवेजकर्मी उन्हें डायरी दिखाकर एक तरफ बस रोकने का इशारा करते हैं, लेकिन आगे जाने की जल्दी में अधिकतर चालक बस को हाईवे के बीचोंबीच रोक कर सवारी उतार देते हैं। पीछे से टोल पार कर लगभग 50 किलोमीटर की स्पीड में वाहन आते हैं। ऐसे में हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है।
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सिटी सर्विस में बढ़ाई बसों की संख्या
स्थानीय यात्रियों को नए बस स्टैंड और पानीपत टोल प्लाजा पर 20 से 30 मिनट तक सिटी बस आने का इंतजार करना पड़ता था। यात्रियों की इस समस्या को अमर उजाला अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो रोडवेज डिपो महाप्रबंधक कुलदीप जांगड़ा ने सिटी बसों की संख्या बढ़ा दी। अब आठ मिनी पिंक बसों के अलावा चार 52 सीटर बसों काे भी सिटी बस सर्विस में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे यात्रियों को काफी राहत मिली है।
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यात्रियों का जान जाोखिम डालने वाले चालकों पर होगी कार्रवाई
लंबे रूट के चालकों को सिवाह बस स्टैंड और टोल प्लाजा पर सवारी उतारने के निर्देश दिए गए है। अगर कोई चालक बस हाईवे के बीचोंबीच रोकता है तो यह गलत है। यात्रियों की जान को जोखिम में डालने वाले चालकों पर कार्रवाई की जाएगी।
कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो, पानीपत