समालखा। जीटी रोड भोड़वाल माजरी स्थित निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर 78वां वार्षिक निरंकारी समागम शुरू हो गया है। समागम में आत्म मंथन विषय पर निर्धारित प्रदर्शनी केंद्र का विषय बनी रही। शुक्रवार को काफी संख्या में पहुंची संगत ने प्रदर्शनी देखी। प्रदर्शनी में निरंकारी मिशन के प्रचार प्रसार के बारे में बताया है। इस प्रदर्शनी में विभिन्न मॉडल व चित्रों के साथ प्रदर्शित किया गया है। इसमें बताया है कि किस तरह से बाहर के व्यक्तित्व के साथ ही हमें अपने अंदर स्वयं आत्म मंथन करना है। निरंकार को कैसे प्राप्त किया जा सकता है। अवतार दर्शन से निरंकारी प्रदर्शनी का सफर-निरंकारी प्रदर्शनी वर्ष 1972 में बाबा गुरबचन सिंह के आदेश पर शुरू किया गया था। उससे पहले इसे अवतार दर्शन के नाम से जाना जाता था। बाबा गुरबचन सिंह चाहते थे कि बच्चों और युवाओं को भी निरंकारी मिशन के बारे में पता चले। वर्ष 1972 में निरंकारी प्रदर्शनी शुरू हुई। संवाद