पानीपत जिले के 64 होटल, ढाबों और बैंक्वेट हाल संचालकों को एनजीटी के नियमों का पालन करना होगा। इसके लिए जिला प्रशासन के साथ निगम और प्रदूषण विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगा। जिसके सभी इमारतों के आवश्यक दस्तावेजों और कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी।
इस संबंध में संबंधित इमारत मालिकों और संचालकों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी आदेशों की अवमानना होने पर कार्रवाई होगी। कार्रवाई में इनको सील भी किया जा सकता है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों को लेकर सोमवार को एडीसी वीना हुड्डा ने जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स की बैठक ली।
इसमें निगम समेत प्रदूषण विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे। जिसमें एडीसी की ओर से अधिकारियों को एनजीटी के नियमों का सख्ती से पालन करवाने की हिदायत दी गई। अफसरों ने एनजीटी के 16 नियमों का हवाला देकर कहा कि वे अपने सर्वे के मुताबिक अब तक शहर में 64 होटल, मोटल, ढाबे और बैंक्वेट हाल की पहचान कर चुके हैं। इनमें एनजीटी के नियमों को लेकर नोटिस देने का काम जारी है। आदेशों की अवमानना कर सरकार के दिशा-निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
होने चाहिए ये दस्तावेज
अधिकारियों ने बताया कि जिले के होटल, मोटल, ढाबे या बैंक्वेट हाल के पास फायर एनओसी, बिल्डिंग प्लान, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, बिल्डिंग प्लान, सॉलिड वेस्ट, पार्किंग, बिजली खपत, पानी की खपत, डीजी सेट आदि के दस्तावेज होने चाहिए। इनमें से ज्यादातर काम प्रदूषण कंट्रोल विभाग का रहा जबकि निगम और ट्रैफिक पुलिस पर भी इनकी जिम्मेदारी दी गई है। खास बात ये है कि इनमें से ज्यादातर दस्तावेज एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जैसे बिल्डिंग प्लान इसमें अनिवार्य है। बिना बिल्डिंग प्लान के फायर एनओसी मिल ही नहीं सकती। इसी आधार पर कचरा प्रबंधन, पार्किंग, वाटर हार्वेस्टिंग आदि के दस्तोवज जारी हो सकेंगे।
एनजीटी के नियमों का सभी होटल, ढाबों और बैंक्वेट हाल संचालकों को पालन करना होगा। इसके लिए जिला प्रशासन सतर्क है। नियमों की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। सोमवार को एडीसी की अध्यक्षता में टॉस्क फोर्स की बैठक भी हुई है। जिसमें नियमों का पालन करवाने को लेकर एडीसी की ओर से सख्त हिदायतें दी गई हैं।
-जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।