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संशोधित: पानीपत: नवजात के हाथ पर लगा टैग बदला, अस्पताल में बच्चा बदलने के लगे आरोप, पीएमओ बोले: जांच होगी

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पानीपत। सिविल अस्पताल में सोमवार को इसराना के दंपती ने अस्पताल की नर्सों एवं कर्मचारियों पर बच्चा बदलने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। बच्ची के हाथ पर जो टैग मिला उस पर मेल यानी लड़का लिखा था और मां का नाम भी अलग था। डिस्चार्ज स्लिप में फीमेल यानी लड़की लिखा था और मां का नाम सही था। दंपती और उसके परिजन इसकी शिकायत लेकर पीएमओ कार्यालय पहुंचे, लेकिन उस वक्त वो जा चुके थे। घटना की सूचना उन्हें दी गई। उन्होंने लेबर वार्ड के कर्मचारियों को ध्यान से काम करने की हिदायत दी। पीएमओ ने टैग लगाने में हुई लापरवाही पर व्यवस्था बदलने का आश्वासन दिया।
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इसराना निवासी प्रदीप एवं रितु ने बताया कि वह छह बेटियों के माता-पिता हैं। पेशे से सबमर्सिबल मैकेनिक प्रदीप ने बताया कि पत्नी रितु को रविवार सुबह सवा 11 बजे सिविल अस्पताल ले आए थे। सवा एक बजे रितु ने बच्चे को जन्म दिया। बताया गया कि उनको बेटी हुई है। वह सोमवार की सुबह पत्नी को डिस्चार्ज कराकर घर चले गए। घर जाकर देखा तो बच्ची के हाथ पर जो टैग था, उस पर मेल लिखा था। टैग पर बच्चे के पिता का नाम प्रदीप और मां का नाम पूजा लिखा था। टैग पर वजन तीन किलोग्राम लिखा था, जबकि डिस्चार्ज स्लिप पर वजन साढ़े तीन किलोग्राम लिखा था। बच्ची को लेकर दोबारा सिविल अस्पताल आए, यहां स्टाफ नर्सों को इसकी शिकायत दी तो कहा गया कि यह क्लेरिकल गलती हो सकती है। उन्हें शक है कि रितु ने बेटे को जन्म दिया था। कर्मचारियों ने लड़के को बदलकर उन्हें लड़की दी है।
आरोप गलत, बेटी ही हुई है : सुमन
रजिस्टर एवं डिस्चार्ज स्लिप में ये स्पष्ट लिखा है कि रितु को बेटी हुई है। उसके पिता का नाम भी सही लिखा है। सिर्फ टैग लगाने में गलती हो सकती है। बच्चा बदलने का आरोप बिल्कुल गलत है।
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- सुमन पोरिया, डिप्टी इंचार्ज लेबर वार्ड
व्यवस्था को ठीक करेंगे और जांच भी करेंगे पीएमओ
टैग सही लगाना और कागजातों में दंपती और बच्चे के बारे में सही लिखना स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी है। अगर टैग लगाने में लगती हुई है तो यह भी लापरवाही है। सिविल अस्पताल में यह व्यवस्था सुधारेंगे। अगर लिखित में शिकायत मिलती है तो जांच भी करेंगे। जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
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- डॉ. संजीव ग्रोवर, पीएमओ सिविल अस्पताल
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