पानीपत। नगर निगम अधिकारियों ने शहर की पेयजल सप्लाई का एक बार फिर से नया टेंडर लगाकर पुराने टेंडर में गड़बड़झाले को दबा दिया है। शहर को पानी पिलाने के लिए निगम ने फिर से 20.42 करोड़ से 18 महीने का टेंडर लगाया है। इससे पहले निगम ने करीब छह महीने पहले दिसंबर में यह टेंडर लगाया था। चहेते ठेकेदारों को टेंडर देने के लिए अधिकारियों ने इस राशि का एक टेंडर देने के बजाय दो टेंडर कर दिए। टेंडर की तकनीकी और फाइनेंशियल बिड तक खोल दी गई। गड़बड़ी का अनुमान लगते ही इसे रद्द कर दिया गया। इसके ठीक एक महीने बाद अब फिर से निगम अधिकारियों ने शहर की पेयजल सप्लाई के लिए इसे रि-टेंडर किया है।
निगम ने शहरी स्थानीय निकाय से पेजयल सप्लाई का टेंडर 20 करोड़ का लगाने की प्रशासकीय अनुमति मांगी थी। अनुमति एक टेंडर की मिली, लेकिन अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदारों को टेंडर देने के लिए इसे दो भागों में बांट दिया। चार महीने तक इस मामले को लंबित रखा। न तो टेंडर कैंसिल किया ना ही अलॉट किया। मामले का भंडा फूटा तो अधिकारियों ने गलती मानी और अप्रैल के पहले सप्ताह में इसे कैंसिल कर दिया गया। अब मई के पहले सप्ताह में इसे रि-कॉल किया गया है।
पहले निगम अधिकारियों ने शहर को दो जोन में बांट कर दो टेंडर लगाए थे। अधिकारियों ने रेलवे लाइन को केंद्र बिंदु मानकर शहर को पूर्व और पश्चिम जोन में बांट दिया। पूर्व जोन के लिए 13 करोड़ और पश्चिम जोन के लिए करीब सात करोड़ का टेंडर लगाया गया था। इसमें निगम के सभी 26 वार्डों के अंतर्गत आने वाले 600 ट्यूबवेल, पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम शामिल किया गया। अब पूरे शहर का टेंडर लगाया है।
निगम पेयजल पर पहले करीब 30 लाख रुपये महीना खर्च करता था, जिसे अधिकारी अब सवा करोड़ तक पहुंचाने में लगे हैं। इस टेंडर में सभी उपकरणों का ऑपरेशन, मेंटेनेंस, पानी सप्लाई व पंपिंग मशीनरी आदि को शामिल किया गया है। हैरानी की बात यह है कि शहर की पेयजल सप्लाई का टेंडर कई माह पहले ही पूरा हो चुका है। निगम अधिकारी इसकी बार-बार विभागीय अनुमति करा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसे लेकर अधिकारी जान बूझकर टेंडर में देरी कर रहे हैं।
लगाया नया टेंडर : एक्सईएन
शहर की पेयजल सप्लाई का नए सिरे से टेंडर लगाया गया है। यह टेंडर 18 माह के लिए है। इसमें सप्लाई से लेकर मेंटेनेंस तक का काम शामिल रहेगा।
- राजेश कौशिक, एक्सईएन, नगर निगम।