पानीपत। सीएम फ्लाइंग ने पहली बार अनाज मंडी में गेहूं उठान और अन्य समस्याओं की जांच की और कई तरह की गड़बड़ी पकड़ी। पानीपत अनाज मंडी में ही ठेकेदार लिफ्टिंग में पर्याप्त वाहन नहीं लगा रहा। दूसरा एफसीआई पहले अपने गोदामों में गेहूं रखवा रहा है। ऐसे में पूरा सिस्टम बिगड़ गया है। अधिकारियों के मनमाने काम के चलते आढ़ती और किसान पिस रहा है। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी अजीत सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की कार्रवाई के बाद गेहूं उठान में तेजी आई। एफसीआई ने भी दूसरी खरीद एजेंसी को अपने गोदामों में गेहूं रखने की सहमति दी है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल की टीम ने मंगलवार को पानीपत की अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। टीम ने पाया कि मंडी में हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस गेहूं खरीद कर रही है। अब तक अनाज मंडी में करीब 4.30 लाख गेहूं के कट्टे की आवक हो चुकी है, जो पूरे सीजन के दौरान करीब सात लाख कट्टों की होगी। अनाज मंडी में गेहूं के उठान की भारी समस्या है। पूरी मंडी गेहूं के कट्टों से भरी है। किसान को अपना अनाज मंडी में लाने में काफी कठिनाई हो रही है। मंगलवार तक केवल 50 हजार कट्टों की ही लिफ्टिंग हो पाई है। अनाज मंडी में लिफ्टिंग का ठेका पूनम ट्रांसपोर्टर के मालिक संजय गुलिया को दिया गया है। गेहूं उठान की यह समस्या अनाज मंडी के सब यार्ड बाबरपुर और खरीद केंद्र गांव बबैल में भी बनी हुई है।
परेशानी के ये बताए कारण :
- अधिकारियों के समय पर लिफ्टिंग का ठेका न छोड़ना। सरकारी खरीद एक अप्रैल से ही शुरू हो चुकी है, लेकिन लिफ्टिंग का ठेका गत सप्ताह ही छोड़ा गया है।
- ठेकेदार लिफ्टिंग में पर्याप्त वाहन नहीं लगा रहा। ठेकेदार का 35 गाड़ी लगाने का दावा है, लेकिन असल में 18 या 20 गाड़ी ही लगाई हैं।
- एफसीआई द्वारा पहले अपने गोदामों को भरने के अनावश्यक आदेश पारित करना।
उठान न होने से किसान और आढ़ती प्रभावित :
- गेहूं उठान न होने से सबसे ज्यादा प्रभावित किसान है। जब तक गेहूं उठान नहीं होगा। तब तक उसकी पेमेंट नहीं होगी। सरकार 72 घंटे की पेमेंट करने का दावा करती है।
- किसान अपनी गेहूं बेचकर पैसे आढ़ती से मांग रहा है। आढ़ती को अनावश्यक रखरखाव भी करना पड़ रहा है। आढ़ती को अपने किसान को फसल मंडी में लाने से रोकना पड़ रहा है।
- मार्केट कमेटी की खरीद की तैयारी पूरी हैं। उठान न होने पर अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ रही है।
एफसीआई ने एजेंसियों को आदेश दिया है कि पहले उनके गोदाम में गेहूं रखें। उसके बाद अन्य गोदामों में रखें। इससे एफसीआई गोदाम पर वाहनों की लंबी कतार लगी है। एक गाड़ी खाली होने में 30 से 36 घंटे लग रहे हैं। जबकि खरीद एजेंसियों के पास मंडी के साथ ही अपने गोदाम हैं। इससे गाड़ी खाली होने का समय आठ से 10 घंटे रह जाएगा। ताजा स्थिति के अनुसार मंडियों से गेहूं उठान में 50 से 60 दिन लग सकते हैं। ठेकेदार पूरे वाहन उठान कार्य में लगाएं।