पानीपत। ताइक्वांडो के राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी ने दिल्ली-अंबाला रेल लाइन पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। उसने एक साल पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक जीता था। वह दोस्तों के साथ नैनीताल घूमने की जिद कर रहा था, जबकि परिजन बादल फटने या कोई हादसा होने के डर से मना कर रहे थे। दो बहनों के इकलौते भाई की मौत के बाद परिवार में मातम छा गया है। जीआरपी ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
महराना निवासी संदीप ने जीआरपी को बताया कि पुष्पेंद्र (21) सिरसा में एक डेरे पर रहता था। वहीं से स्नातक अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। उसने मंगलवार को दोस्तों के साथ नैनीताल घूमने जाने की बात कही थी। वह बैग में कपड़े पैक कर गाड़ी में रखने लगा तो परिवार ने चाबी देने से मना कर दिया। पिता से बातचीत हुई तो उन्होंने 20 अगस्त के बाद घूमने जाने की बात कही। परिवार से नाराज होकर पुष्पेंद्र बाइक से घर से निकल गया। परिजन उसे लगातार फोन करते रहे, लेकिन उसका नंबर व्यस्त आता रहा। उन्हें जीआरपी से पुष्पेंद्र का शव नांगलखेड़ी के पास रेलवे ट्रैक पर पड़े होने की सूचना मिली। जांच अधिकारी एसआई कृष्ण लाल ने बताया कि फिलहाल मृतक का फोन लॉक है। मामले की जांच की जा रही है।
पुष्पेंद्र की मौत की सूचना मिलने पर परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो जीआरपी ने शिनाख्त कराई। घटनास्थल से एक किलोमीटर दूर पुष्पेंद्र की मोटरसाइकिल खड़ी मिली। परिजनों ने बताया कि घटना से पहले पुष्पेंद्र फोन पर व्यस्त था। वह किसी जानकार से बात कर रहा था। परिजनों ने कई बार उसे फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। अगर वह फोन उठा लेता तो शायद परिवार वाले उसे समझा पाते।