पानीपत। पानीपत शहरी सीट पर भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई है। भाजपा नेता लोकेश नांगरू ने मंगलवार को सेक्टर 25 स्थित शगुन गार्डन में अपने समर्थकों के साथ बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया लेकिन उन्होंने भाजपा छोड़ने से साफ इंकार कर दिया। लोेकेश नांगरू 12 सितंबर को नामांकन दाखिल करेंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल व पूर्व सांसद संजय भाटिया उन्हें मनाने की कोशिश कर चुके हैं लेकिन उन्होंने उनकी बात मानने से इंकार कर दिया।
लोकेश नांगरू ने यहां बैठक में बिना नाम लिए भाजपा के बड़े नेताओं पर जमकर आरोप भी लगाए हैं। लोेकेश नांगरू व विधायक प्रमोद विज दोनों मॉडल टाउन में रहते हैं। लोकेश नांगरू यहां से पार्षद भी है। इसलिए विधायक प्रमोद विज की मुश्किलें बढ़ना लाजमी है। विधायक प्रमोद विज लोगों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रहे हैं। इसराना विधानसभा से बाकी हुए सत्यवान शेरा 12 सितंबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनको बुधवार को नामाकंन करना था लेकिन कृष्णलाल पंवार व बलबीर वाल्मीकि के नामांकन के कारण उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया।
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इनेलो-बसपा व जजपा को कांग्रेस में बगावत का इंतजार
कांग्रेस ने अब तक अपना प्रचार प्रसार तक शुरू नहीं किया है। इनेलो- बसपा व जजपा ने भी अब तक पानीपत की किसी भी विधानसभा सीट पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। इन तीनों पार्टियां कांग्रेस में बगावत के इंतजार में है। कांग्रेस की लिस्ट जारी होने के बाद बगावत की प्रबल संभावना है। तीनों पार्टियां कांग्रेस के बागियों को लपकने के इंतजार में है। आप ने समालखा सीट से अपने उम्मीदवार की घोषणा की है। आप भी कांग्रेस की लिस्ट जारी होने के बाद ही अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी।
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बागियों का दूसरी पार्टी से अधिक खुद पर विश्वास
भाजपा से बागी हो चुके इसराना से सत्यवान शेरा, समालखा से संजय छौक्कर व पानीपत शहरी से लोकेश नांगरू निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। इन्होंने दूसरी पार्टी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर नहीं की है। समालखा विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर व भाजपा के शशिकांत कौशिक भी बगावती सुर अपनाए हुए हैं लेकिन उन्होंने अब तक चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है। वह अपने समर्थकों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं। जजपा का समालखा सीट से संभावित उम्मीदवार देवेंद्र कादियान है । यहां जजपा में बगावत का भय न के बराबर ही है। आप में पानीपत ग्रामीण से सुखबीर मलिक व पानीपत शहरी से राकेश चुघ संभावित उम्मीदवार है। यहां आप में भी बगावत का कुछ हद तक भय है। इनेलो-बसपा व जजपा के पास पानीपत ग्रामीण व पानीपत शहरी में मजबूत उम्मीदवार नहीं है। इसलिए यह तीनों पार्टियां कांग्रेस से बागी होने वाले नेताओं पर टकटकी लगाए हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विधानसभा सीट से कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार विजय जैन, बिजेंद्र कादियान, सचिन कुंडू व जितेंद्र अहलावत है। पानीपत शहरी विधानसभा सीट पर वरिंद्र शाह उर्फ बुल्लेशाह, रोहिता रेवड़ी व संजय अग्रवाल टिकट के प्रबल दावेदार हैं।
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बाबरिया की बिगड़ी तबीयत, नेताओं की उड़ी नींद
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया की अचानक बिगड़ी तबीयत से पानीपत के नेताओं की सांस फूल गई है। पानीपत में कुछ नेता दीपक बाबरिया के सहारे अपनी नैया पार होने के सपने देख रहे हैं। सूत्र के अनुसार पानीपत शहरी सीट पर रोहिता रेवड़ी के टिकट के लिए दीपक बाबरिया प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर आप से गठबंधन न होने से पानीपत ग्रामीण के कांग्रेस के नेताओं ने राहत की सांस ली है।