संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। समालखा तहसील में कथित घूसखोरी की शिकायत मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंची है। इस पर संज्ञान लेते हुए सीएम ने जांच के आदेश देकर तहसीलदार को कार्रवाई करने को कहा है। नायब तहसीलदार ने अपने अधीनस्थ कर्मचारी को शिकायतकर्ता के सामने बुलाया और उससे न सिर्फ मांगी मंगवाई बल्कि घूस के पैसे भी वापस दिलवाए।
जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर आठ वाल्मीकि बस्ती के निवासी रोहित कुमार ने 31 जनवरी को ट्विटर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम भेजी शिकायत में बताया कि अपनी रजिस्ट्री की आरईएम करवाने के लिए जब वह समालखा तहसील में गया तो वहां पर नंबरदार से लेकर कंप्यूटर ऑपरेटर तक ने उससे घूस ली। आरटीआई कार्यकर्ता रोहित की यह शिकायत जब समालखा तहसीलदार के पास पहुंची तो कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
आरटीआई कार्यकर्ता रोहित को मंगलवार को जांच के लिए तहसील में तलब किया। आरटीआई कार्यकर्ता रोहित कुमार ने तहसीलदार को आपबीती सुनाई ओर घूसखोर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। बताया जा रहा है कि नायब तहसीलदार अशोक गौतम ने शिकायत की कार्रवाई करने की जगह आरोपी कर्मचारी को बुलाया और शिकायत कर्ता के सामने ही फटकार लगाई।
इसके बाद रिश्वत के रुपये तक वापस दिलवाए। नायब तहसीलदार ने शिकायत कर्ता से कर्मचारी को एक मौका देने की अपील की। आरटीआई कार्यकर्ता रोहित कुमार ने नायब तहसीलदार को तहसील कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने आने वालों की सुविधा के लिए सरकारी फीस की सूची लगवाने की मांग की है।