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Panipat News: झड़ गई सरसों, बिछ गई गेहूं

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पानीपत। शनिवार को बारिश के साथ तेज हवा और ओलावृष्टि में गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। बारिश व ओलावृष्टि में सरसों की फसल झड़ गई। इसमें करीब 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल जमीन में बिछ गई है। अभी इसमें 10 प्रतिशत तक नुकसान आका गया है। धरतीपुत्र गेहूं की बिछी फसल को देखकर खेत के चारों तरफ चक्कर लगाता रहा। उसकी फसल से जुड़ी उम्मीद एक झटके में आंखों के सामने टूट गई। कृषि विभाग ने भी फसलों का सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने फिलहाल सरसों में अधिक नुकसान होना माना है।
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शनिवार शाम को तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। जिले में औसतन 16.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक मतलौडा में 42 एमएम बारिश हुई। पानीपत में 19 और इसराना में 14 एमएम बारिश दर्ज की गई। बापौली में छह और समालखा में दो एमएम बारिश हुई। बारिश व ओलावृष्टि में गेहूं की फसल बिछ गई और सरसों की खड़ी फसल ओलावृष्टि में झड़ गई। रविवार को सुबह ही मौसम साफ हो गया। आसमान में पूरा दिन धूप खिली रही। हवा करीब 11 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। जिले में अधिकतम तापमान 22 और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ओलावृष्टि के बाद न्यूनतम तापमान कम होने से ठंड भी बढ़ी है।

किसान बोले, गेहूं का उत्पादन कम होगा
जोशी गांव निवासी रामफल और ईश्वर ने बताया कि गेहूं की फसल बिछ गई है। सरसों की बाली भी ओलावृष्टि में झड़ गई है। उनके हिसाब से सरसों में 40 प्रतिशत तक नुकसान है। गेहूं बिछने से उत्पादन कम होगा। इसराना निवासी श्याम सिंह और दिलबाग ने बताया कि इस बार पांच एकड़ में सरसों की बिजाई की थी। सरसों की दो-तीन में कटाई करने की सोच रहे थे, लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। ओलावृष्टि में सरसों झड़ गई, करीब 50 प्रतिशत तक नुकसान है।
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वर्जन :
सरसों में 30 प्रतिशत का नुकसान
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. आदित्य डबास ने बताया कि जिले में 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं और सात हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल है। सरसों में करीब 30 प्रतिशत नुकसान सामने आया है। गेहूं में फिलहाल नुकसान का आकलन नहीं किया जा सकता। सब्जी की फसलों में टमाटर व मटर की फसल में कुछ नुकसान है। विभाग की टीम फसलों में नुकसान का आकलन कर रही है। इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द ही उच्चाधिकारियों को दी जाएगी।

वर्जन :
सात मार्च तक छाए रहेंगे बादल
कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेष डॉ. आशीष ने बताया कि जिले में सात मार्च तक आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। फिर दो दिन मौसम पूरी तरह से साफ रहेगा। इसके बाद 10 मार्च तक बादल छाए रहेंगे।
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