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नगर निगम ने बाबा के डेरे समेत तीन प्रॉपर्टी पर अवैध निर्माण करने के नोटिस भेजे, 28 तक दिया समय

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पानीपत। उग्राखेड़ी के पास सवा एकड़ पर बनी फैक्टरी और गोदाम तुड़वाने के अलावा नगर निगम की नजर मनोज की बाकी प्रॉपर्टी पर भी है। निगम ने एक एकड़ में बने संजय बाबा के डेरे समेत तीन प्रॉपर्टी पर अवैध निर्माण का दावा करते हुए नोटिस भेजा है और निगम की तरफ से उन्हें 28 सितंबर तक का समय दिया गया है, उन्हें प्रॉपर्टी के दस्तावेज लेकर पेश होने के लिए कहा गया है।
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मूलरूप से उग्राखेड़ी और हाल में सेक्टर 24 निवासी संजय बाबा ने कहा कि 23 सितंबर को वह बालाजी गए थे। शाम को सिविल ड्रेस में आए दो पुलिसकर्मी उनके डेरे पर नोटिस देकर गए। वह बिना रिसीविंग ही चले गए। उन्होंने आकर देखा तो नोटिस उनके नाम था, जो डेरे के अवैध निर्माण के बारे में था। उसमें उन्हें प्रॉपर्टी के संबंध में दस्तावेज पेश करने के लिए 28 सितंबर तक का समय दिया गया। उन्होंने कहा कि डेरा करीब एक एकड़ में बना है, जो जमीन उनके पूर्वजों की है। वह पहले ग्रामीण क्षेत्र में आती थी। उसके बाद इस जमीन को हुडा के अंदर लिया गया। उन्होंने हाईकोर्ट में डेरे की जमीन को रिलीज करने की अपील की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने जमीन को रिलीज कर दिया था।
संजय बाबा ने बताया कि उनके भतीजे विकास मलिक की बबैल रोड पर एक दुकान है, वहीं उझा रोड पर शोरूम बना हुआ है। नगर निगम ने भतीजे विकास मलिक के नाम बबैल रोड पर बनी दुकान को अवैध निर्माण बताकर नोटिस भेजा है। वहीं उझा रोड वाले शोरूम पर अमित कुमार के नाम से नोटिस गया है।
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नगर निगम की तरफ से भेजे गए नोटिस में रजिस्ट्री की कॉपी, इंतकाल, जमाबंदी, नगर निगम से पास नक्शा, हाउस टैक्स, प्रॉपर्टी आईडी और प्रॉपर्टी टैक्स के दस्तावेज मांगे गए हैं। वह दस्तावेज नहीं दिखाते हैं तो निगम की तरफ से फिर मास्टर प्लान तैयार करेगी।
संजय बाबा ने कहा कि उसका भाई मनोज दोषी नहीं है, उसे फंसाया जा रहा है। वह दोषी है तो पुलिस साबित करे। उन्होंने झूठा मुकदमा दर्ज किया है, इसलिए वह फरार है। उनकी आठ माह से मनोज से कोई बातचीत नहीं है, लेकिन पुलिस दोषी साबित करती है तो वह पुलिस के साथ हैं। अन्यथा निर्देश मनोज का साथ वह नहीं छोड़ेंगे, चाहे उनकी जान क्यों न चली जाए। संजय ने कहा कि भाई मनोज पांच साल भारतीय किसान यूनियन का अध्यक्ष रह चुका है। वहीं दो साल वह जिला पार्षद भी रह चुके हैं। आज गांव उग्राखेड़ी में सुबह 10 बजे गांव कुटानी, राजाखेड़ी, बबैल, सिवाह, धनसौली, जाटल, महराणा, बुडशाम, रिसालू समेत 12 गांवों की पंचायत है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में रोष है।
पानीपत पुलिस ने जिस रंगदारी के मामले में मनोज पर रिपोर्ट दर्ज कर उसे भगोड़ा घोषित कर 15 हजार का इनाम रखा है, उसकी जांच कुरुक्षेत्र पुलिस कर रही है। इसका खुलासा अब मनोज के भाई संजय ने किया है। उन्होंने कहा कि पानीपत पुलिस की निष्पक्ष जांच से वह नाखुश थे, जिसके चलते उन्होंने डीजीपी से मिलकर दूसरे जिले में जांच को ट्रांसफर कराया।
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