पानीपत। पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिलने वाले मिड-डे मील को और स्वादिष्ट बनाया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से मिड-डे मील वर्करों को दाल, रोटी, सब्जी के साथ अन्य पकवान बनाने को लेकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। कुक और सहायक को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से ट्रेनिंग शेड्यूल तैयार किया गया है। प्रशिक्षण का शेड्यूल जुलाई के प्रथम पखवाड़े में है।
जिले के पांच खंड में कुल 422 स्कूल हैं। इसमें मिड-डे मील तैयार किया जाता है। इन मिड-डे मील केंद्रों में 422 खाना बनाने वाले कर्मचारी कार्य करते हैं। इस शेड्यूल के अनुसार ही मिड-डे मील वर्करों का प्रशिक्षण कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों को व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा। इन्हें बताया जाएगा कि भोजन को कितने डिग्री तक पकाना है। कर्मियों को प्रशिक्षण स्थानीय स्तर पर ही मिलेगा।
कर्मचारियों के काम आएगा प्रशिक्षण
बता दें कि स्कूलों में मिड-डे मील वर्षों से पक रहा है। इसके बाद विभाग को मिड-डे मील वर्करों को प्रशिक्षण देने की याद आई है। शिक्षकों का कहना है कि यह प्रशिक्षण इनके काम आएगा। इससे कर्मियों को खाद्य सामग्री को सही ढंग से रखने के बारे पता लग सकेगा। बर्तनों आदि को सही ढंग से लगाना सीख जाएंगे। इसके साथ उन्हें भोजन पकाने की सही विधि का पता लग जाएगा। हर कार्य दिवस का अलग मेन्यू है। उसके अनुसार ही भोजन स्कूलों में बनता है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने इन्हें प्रशिक्षण देने का सही निर्णय लिया है। इससे सुधार भी भोजन पकाने की विधि में नजर आएगा।
कर्मचारियों की दो सत्र में होगी ट्रेनिंग
प्रथम सत्र में पौष्टिक आहार बनाने का प्रशिक्षण मिलेगा। दूसरे सत्र में खाना पकाने, रखरखाव, खाना पकाने की सामग्री और उसके रखरखाव के साथ रसोई खाना परोसने के बर्तनों को सही ढंग से लगाने के बारे भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए मौलिक शिक्षा विभाग की ओर से जिलावार ट्रेनिंग शेड्यूल दिया गया है।
वर्जन-
मिड-डे मील कुक को तीन दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का शेड्यूल जुलाई के प्रथम पखवाड़े में है। इन मिड-डे मील केंद्रों में खाना बनाने वाले करीब 422 कर्मचारी कार्य करते हैं।
- राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।