पानीपत। इस साल गर्मी से अपने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जून के 18 दिनों में तापमान पहली बार 10 दिन तक 44 डिग्री से अधिक रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 45.4 और न्यूनतम तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार की रात्रि के बाद मौसम बदलने के संकेत हैं। इस भयंकर गर्मी में बीमारियों ने भी लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। जिले में डायरिया, डि हाईड्रेशन व बुखार के रोगी बढ़े हैं। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1800 से अधिक हो चुकी है। लू से आंखों में संक्रमण व चमड़ी पर बुरा असर पड़ रहा है। जिला नागरिक में चमड़ी के रोगियों की ओपीडी 280 व आंखों की ओपीडी 150 से अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार के बाद तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। इन सबके बीच बिजली की मांग बढ़ गई है। ऐसे में बिजली कटों की संख्या भी बढ़ गई है। असंध रोड पुल के नीचे सोमवार सुबह से दोपहर बाद तक बिजली आपूर्ति बंद रही। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार सुबह ही तेज धूप निकलते ही दिन में पड़ने वाली गर्मी का अहसास करा दिया। सुबह 10 बजे ही खुले मुंह बाहर निकल पाना मुश्किल हो गया। दिन चढ़ने के साथ गर्मी भी बढ़ती चली गई। दोपहर के समय अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि गर्मी 48 डिग्री तापमान जैसी महसूस हो रही थी। इतनी गर्मी में पैदल व दोपहिया पर लोगों की आवाजाही बंद हो गई। शाम को सात बजे अधिकतम तापमान 43 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 33 डिग्री रहा। गर्मी के दौरान छह किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली लू में लोगों को बेहाल कर दिया। मौसम विशेषज्ञों की माने तो मंगलवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान इतना ही बना रहेगा।
प्रशासन ने नहर व राजवाहों में नहाने पर रोक लगा रखी है। यहां धारा 144 भी लागू है। बावजूद इसके लोग पूरा दिन नहरों में नहाते हैं। गढ़ी सिकंदरपुर गांव के पुल और इससे आगे असंध रोड, सिवाह गोहाना रोड बिंझौल झाल, महराना, सिवाह, बुड़शाम, नारायणा व ढिंडार के पुल पर युवक पूरा दिन नहाते हैं। कुछ युवक कई-कई घंटे लगातार नहाते हैं। नहर में पानी के तेज बहाव में बहने का डर भी बना रहता है।