पानीपत। भयंकर गर्मी से जन जीवन प्रभावित है। लोग गर्मी से बचने के लिए एसी कूलर का प्रयास कर रहे हैं। बिजली की खपत काफी बढ़ चुकी है। अब जिले में बिजली की खपत 1.10 करोड़ यूनिट प्रतिदिन पहुंच चुकी है। जून तक यह खपत 1.35 करोड़ यूनिट तक पहुंचने की संभावना है। पहले करीब 85 हजार यूनिट की खपत थी। अब 25 लाख यूनिट बिजली की खपत बढ़ चुकी है। जिसका भार ट्रांसफार्मरों पर पड़ने लगा है। जिससे ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों में फॉल्ट होने शुरू कर हो चुके हैं।
निगम की ओर से तुंरत प्रभाव से इनके समाधान का प्रयास किया जाता है लेकिन बढ़ती गर्मी अब निगम अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ शहर के लोगों के भी पसीने निकाल सकती है। अब तक जिले में ज्यादातर बिजली उद्योगों में करीब 40 प्रतिशत तक खर्च हो रही है। वहीं, 30 प्रतिशत से ज्यादा शहरी रिहायशी एरिया में, और करीब 15 प्रतिशत ग्रामीण एरिया में खर्च होती है। बाकी एपी फीडरों यानी खेतों पर चली जाती है। अब तक 400 केवी बीबीएमबी का ट्रांसफार्मर भी बदला नहीं गया है। जिससे आने वाले समय में ओवरलोड की वजह से बिजली का संकट गहरा सकता है। माना जा रहा है कि मई के अंत और जून की शुरुआत तक बिजली की खपत डेढ़ करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच सकती है।
पिछले एक सप्ताह में जिले भर से बिजली की 200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हुई हैं। ये फॉल्ट बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ते लोड की वजह से हुए हैं। जिनमें बिजली की केबल तक जली हैं।
अब धान के सीजन में बढ़ेगी तेजी से खपत-
इस समय जिले भर के एपी फीडरों यानी खेतों की लाइट सबसे कम खर्च हो रही है। अब धान का सीजन शुरू होने के बाद यहां भी ज्यादा बिजली की खपत होगी। जितनी ज्यादा गर्मी होगी उतना ज्यादा लोड बढ़ेगा। जिससे केबल से लेकर ट्रांसफार्मर तक हीट होंगे और इनसे फॉल्ट होने के बाद बिजली कट लगने स्वाभाविक होंगे। इससे निगम अधिकारियों और कर्मचारियों की दौड़ धूप बढ़ेगी और लोगों को गर्मी में बिजली कटों का सामना करना पड़ेगा।
वर्जन:
बिजली निगम के एसई डीएस छिक्कारा ने कहा कि गर्मी में बिजली की खपत बहुत बढ़ जाती है। अब खपत एक करोड़ यूनिट प्रतिदिन पहुंच चुकी है। बिजली निगम की ओर से शहर को निर्बाध बिजली आपूर्ति करने का प्रयास है।
आदित्य कुंडू, एक्सईएन, सब अर्बन डिवीजन।