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मेयर के हंगामें से नेताओं में नाराजगी, किसी ने फेसबुक पर डाली पोस्ट तो किसी ने सौंपा ज्ञापन

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पानीपत। बेसहारा गोवंश के मुद्दे को लेकर टेंडर खुलने से ठीक एक दिन पूर्व मेयर और पूर्व मेयर ने निगम में जो हंगामा किया, उससे शहर के नेताओं में नाराजगी है। वार्ड एक के पार्षद पति सुरेंद्र परूथी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मेयर से जवाब तलब किया तो कांग्रेस नेत्री नीरजा बाहरी ने ज्ञापन सौंपकर मेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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वहीं, सीएम की वीसी में व्यस्त अधिकारियों के बीच जब मेयर के पिता और कई समाजसेवी अधिकारियों से सवाल जवाब कर रहे थे और मेयर खड़ी रहीं, इसे लेकर भी सोशल मीडिया पर निगम का मजाक उड़ाया जा रहा है कि शहर की प्रथम मेयर खड़ी रहीं, उनको बैठने के लिए जगह तक नहीं दी गई, उनको चार घंटे तक बाहर इंतजार करवाया गया। उधर शहर के कुछ लोगों ने सोशल मीडिया के जरिये मेयर पर व्यंग किए। लोगों ने कहा कि यह सब चुनाव की तैयारियों का ड्रामा था। इससे पहले भी तो हादसे हुए हैं, जिनमें लोगों ने अपनी जान तक गंवाई, तब मेयर और उनके पिता कहां थे। अब टेंडर खुलने से एक दिन पहले हंगामा क्यों किया, जब टेंडर से लेकर बेसहारा गोवंशों तक के हर मुद्दे की बैठक में मेयर रही हैं।
वार्ड नंबर एक के पार्षद पति सुरेंद्र परूथी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि मेयर और उनके पिता शहर की समस्या को लेकर आयुक्त के पास गए, उन्हें इससे कोई ऐतराज नहीं है, लेकिन कुछ माह पहले जब उनकी पत्नी यानी पार्षद अनीता परूथी हाउस की मीटिंग में शहर के मुद्दे रख रही थी तो उन्हें चुप कराते हुए मीटिंग से ही बाहर जाने को कह दिया गया है। जब वे बोले तो मेयर ने कहा कि निगम में सिर्फ पार्षद को बोलने का हक है। किसी के पिता या पति को नहीं। इसलिए आज वे उनसे पूछते हैं कि किस मुंह से मेयर अपने पिता को साथ लेकर निगम गईं। जबकि वे खुद मेयर हैं तो उनके पिता का निगम में हस्तक्षेप क्यों? हम पार्षद शिकायत करें तो गलत, उनके पिता जो करें वह सही, यह दोहरा मापदंड है।
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