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Panipat News: शहीद के पैतृक गांव बिंझौल के बहुरेंगे दिन, सीएम ने दिया भरोसा

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पानीपत। सड़क और अन्य सुविधाओं को लेकर वर्षों से तरस रहे शहीद मेजर आशीष धौंचक के पैतृक गांव बिंझौल के दिन जल्द ही बहुरेंगे। गांव को नया रूप देने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भरोसा दिया है। गांव में शहीद के नाम पर स्वागत द्वार बनाने के साथ करीब ढाई हजार फीट में बेसमेंट बहुउद्देशीय हॉल बनाया जाएगा। साथ ही मैदानी तल पर पार्क बनाकर उसमें शहीद की प्रतिमा लगाई जाएगी। गांव की अन्य समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन तेजी से करेगा।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल रविवार को शहीद मेजर आशीष धौंचक के टीडीआई स्थित मकान पर पहुंचे। उन्होंने यहां उनके पिता लालचंद और परिजनों को दुख की धड़ी में साथ रहने का भरोसा दिया। उन्होंने गांव की समस्याओं पर भी चर्चा की। भाजपा सिवाह मंडलाध्यक्ष नरेंद्र बिंझौल ने गांव की तरफ से तैयार मांगपत्र सीएम को सौंपा। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र दहिया को मांगपत्र देकर नियमानुसार काम कराने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को मांगों पर त्वरित कार्य कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री यहां 1:50 से 2:20 बजे तक रहे।
ग्रामीण नरेंद्र बिंझौल ने बताया कि गांव में सामुदायिक केंद्र छोटा है। यहां कोई कार्यक्रम करते हैं तो ग्रामीणों को दिक्कत होती है। इसके साथ करीब ढाई हजार वर्ग फीट जमीन है। यह काफी गहरा भी है। इसके बेसमेंट में मल्टी परपज हॉल बनाकर ऊपर पार्क बनाया जा सकता है। पार्क में शहीद मेजर आशीष धौंचक की प्रतिमा लगाई जा सकती है। गांव में मुख्य सड़क पर उनके नाम से स्वागत द्वार बनाया जाए। गांव की तीन सड़कों का प्रस्ताव है। इन सड़कों के बनने के बाद गांव में आना-जाना आसान हो जाएगा। इसके अलावा अन्य मांगों पर भी ग्राम पंचायत से चर्चा कर अमलीजामा पहनाया जाएगा। अमर उजाला ने बिंझौल गांव की समस्याओं को 17 सितंबर रविवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
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केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने रविवार को शहीद मेजर आशीष धौंचक के परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने दुख की धड़ी में केंद्र सरकार के भी साथ खड़े रहने का भरोसा दिया। साध्वी निरंजन ज्योति का मूसा नगर, कानपुर देहात में आश्रम है। वह उमा भारती के बाद केंद्रीय मंत्री के पद तक पहुंचने वाली देश की दूसरी साध्वी हैं।
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