पानीपत। नूंह हिंसा में बजरंग दल के लव-कुश प्रखंड बरसत रोड एरिया के संयोजक अभिषेक की हत्या पर विश्व हिंदू परिषद व अन्य हिंदू संगठनों के आह्वान पर बुधवार को पूरे शहर में तनावपूर्ण शांति रही। संयुक्त व्यापार मंडल के अंतर्गत करीब 36 बाजार पूरी तरह बंद रहे। गांवों से पहुंचे खरीदारों को बाजार बंद होने के चलते वापस लौटना पड़ा। शाम को कुछ दुकानें खुलीं। तब इक्का-दुक्का ग्राहक बाजार में पहुंचे। संयुक्त व्यापार मंडल का मानना है कि 2016 में आरक्षण आंदोलन के बाद पहली बार पूरा बाजार एक आवाज पर बंद हुआ। बाजार बंद होने से एक दिन में दुकानदारों को करोड़ों की चपत लगी। सबसे अधिक कंबल व शॉल मॉर्केट प्रभावित रहा। वहीं पुलिस ने शहर में पैदल मार्च निकालकर कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। प्राइवेट स्कूल और कॉलेज भी बुधवार को बंद रहे।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार रात को ही सुरक्षा-व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध कर लिए थे। डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया व एसपी अजीत सिंह शेखावत सिविल अस्पताल में किसी प्रकार के विवाद को देखते ही खुद मौके पर पहुंचे। एएसपी मयंक मिश्रा की देखरेख में पुलिस की छह टुकड़ियों ने बाजार में पैदल मार्च निकाला। एसपी की मांग पर मधुबन से एक टुकड़ी पानीपत पहुंची थी। इसके अलावा डीएसपी सुरेश सैनी के नेतृत्व में पुलिस टीम अभिषेक के नूरवाला स्थित घर पर तैनात रही। पुलिस ने पैदल मार्च में दुकानदारों को सुरक्षा का विश्वास दिलाया और संदिग्ध लोगों पर नजर बनाए रखी।
संयुक्त व्यापार मंडल के प्रधान दर्शनलाल वधवा ने बताया कि नूंह हिंसा में पानीपत के कार्यकर्ता की हत्या चिंताजनक है। उन्होंने मंगलवार शाम को सोशल मीडिया पर पानीपत बंद का संदेश डाला था। बुधवार को बाजार में दुकानदारों को शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। मंडल के अंतर्गत 36 बाजार बुधवार को बंद रहे। दुकानदारों ने इसमें सबका साथ दिया। इससे पहले 2016 में आरक्षण आंदोलन के दौरान बाजार बंद हुए थे। इंसार बाजार के प्रधान गौरव लिखा ने बताया कि बाजार में फिलहाल मंदी है और समाज के लिए सभी को साथ होना चाहिए। बाजार के दुकानदारों ने बुधवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर इसके सबूत दिए। प्राइवेट स्कूल बुधवार को बंद रहे, जबकि सरकारी स्कूलों में कक्षाएं चलीं। इधर जिला बार एसोसिएशन ने बुधवार को कार्य निलंबित रखा। जिला प्रधान एडवोकेट अमित कादियान ने बताया कि वकीलों ने संगठनों को अपना समर्थन दिया है।
जिले में धारा 144 लागू की गई है। इसके साथ प्रशासन और पुलिस संदिग्धों पर नजर बनाए हुए है। किसी प्रकार की असामाजिक घटना को सहन नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त