पानीपत। नए वर्ष से कपड़ा और फुटवियर कारोबारियों को जीएसटी का झटका लगने से जा रहा है। इसके विरोध में कारोबारी उतर आए हैं। विरोध में वीरवार को दो घंटे बाजार भी बंद रखा। इसके साथ ही शहरी विधायक प्रमोद विज को ज्ञापन सौंपा। इसमें जीएसटी की दरें बढ़ाने से रोकने की मांग की गई। विधायक ने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे को मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
कपड़े और फुटवियर पर अब तक जीएसटी की दर पांच फीसदी थी, लेकिन एक जनवरी से यह दर 12 फीसदी होने जा रही है। इसके विरोध में कारोबारियों ने वीरवार को चौड़ा बाजार, कंबल मार्केट एवं इंसार बाजार को सुबह नौ से 11 बजे तक बंद रखा। इसके बाद दोपहर दो बजे कारोबारियों का प्रतिनिधि मंडल शहरी विधायक प्रमोद विज के पास रेस्ट हाउस पहुंचा और उनके सामने अपनी समस्या रखी। इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा।
कारोबारियों का कहना है कि कोरोना की मार से अभी उबर नहीं पाए हैं और सरकार जीएसटी की दर बढ़ाकर उनका कारोबार पूरी तरह से चौपट कर देगी। इस मौके पर अशोक नारंग, जोगिंदर नरूला, सुमित कटारिया, ठाकरदास शर्मा, राजेश चानना, महेंद्र सिंह, सतपाल बतरा, कंवल खुराना व प्रेम जुनेजा मौजूद रहे।
बढ़ी दरों का हर जगह विरोध
कंबल मार्केट के प्रधान अशोक नारंग ने बताया कि जीएसटी की बढ़ी दरों का सूरत, इंदौर, अहमदाबाद सहित सभी जगह विरोध हो रहा है। एक हजार रुपये से कम कीमत वाले टेक्सटाइल उत्पादों पर अभी तक जीएसटी पांच प्रतिशत है, जोकि एक जनवरी से 12 प्रतिशत हो जाएगा। ऐसे में, 600 रुपये लागत का जो कंबल पांच फीसदी जीएसटी लगाकर ग्राहक को 630 रुपये में मिलता था, अब 672 रुपये में मिलेगा। इससे ग्राहकों को नुकसान होगा। इसी के साथ ही चादर, पर्दे, पर्दे के कपड़े सहित अन्य सभी सामान पर भी जीएसटी 12 फीसदी होने जा रहा है।
बोले कारोबारी
कोरोना से पहले ही मंदी की मार झेल रहे हम
कोरोना के कारण पिछले तीन साल से बाहर से यहां खरीदार नहीं आ रहे हैं। कपड़ा मार्केट मंदी के दौर से गुजर रही है। अब सरकार ने जीएसडी 12 प्रतिशत कर दिया है। ये बहुत गलत कदम है। इसका बुरा प्रभाव व्यापारी व ग्राहक दोनों पर पड़ेगा। - जोगेंद नरूला, व्यापारी
एक हजार रुपये के जूते पर दो सौ रुपये बढ़ जाएंगे
जूतों और चप्पलों का काम प्रभावित होगा। अब जूतों पर भी जीएसटी बढ़ा दिया गया है। जूतों के रेट अधिक हो जाएंगे। एक हजार रुपये के जूते के लिए अब 1200 रुपये चुकाने होंगे। इससे कारोबार भी प्रभावित होगा। - गौरव लीखा, व्यापारी
कारोबारियों की समस्या सीएम के सामने रखेंगे
कारोबारियों ने उन्हें जीएसटी के बढ़ने के विरोध में ज्ञापन दिया है। वह ज्ञापन को सीएम को भेजेंगे। इस संबंध में सीएम से भी बात करेंगे। कारोबारियों की इस परेशानी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। - प्रमोद विज, विधायक, शहरी विधानसभा