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Panipat News: जीटी रोड पर अवैध कटों की भरमार, जोखिम में जान

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पानीपत/समालखा। जीटी रोड पर ग्रिल और डिवाइडर तोड़कर अवैध कट बनाए गए हैं। समालखा के हलदाना बॉर्डर से पानीपत के कोहंड करनाल बॉर्डर तक करीब 50 अवैध कट हैं। अकेले 25 कट समालखा से पानीपत तक 14 किलोमीटर के क्षेत्र में बनाए गए हैं। पेट्रोल पंप, ढाबा संचालक और शराब ठेकेदार अपने फायदे के लिए अवैध कट बनाकर लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। सड़क सुरक्षा की बैठक में मामला उठने के बाद कंपनी ने दो ढाबा संचालकों पर दो एफआईआर दर्ज कराई हैं। साथ ही बाकी की सूची भी पुलिस को उपलब्ध कराई है। पुलिस संबंधित क्षेत्र में अवैध कट बनाने वाले ऐसे पंप और ढाबा संचालकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करेगी।
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राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (जीटी रोड) के चौड़ीकरण के साथ ही साइड में ग्रिल लगाई गई हैं, ताकि वाहन बिना किसी जाम और अवरोधक के आगे निकल सकें। दिल्ली से अंबाला की दूरी तय करने में कम समय लगे। इस दौरान रास्ते में आने वाले विभिन्न शहरों, गांवों, कस्बों के लिए सर्विस लेन भी बनाई गई है। तेज रफ्तार वाहनों के कारण रोड पर हादसों को रोकने के लिए ग्रिल भी लगाई थी, लेकिन जीटी रोड पर कई जगहों पर ग्रिल व डिवाइडर को तोड़कर अवैध रास्ते बना लिए गए हैं।

हलदाना बार्डर से सिवाह पुलिस लाइन तक करीब 14 किलोमीटर के रास्ते पर ही 25 अवैध कट और डिवाइडर व ग्रिल तोड़कर रास्ते बनाए गए हैं। इनमें हलदाना बार्डर से पुलिस लाइन तक पानीपत लेन पर पांच पेट्रोल पंप, चार ढाबों, एक शराब के ठेके के आगे अवैध कट बनाए गए हैं, जबकि 29 जगहों पर 5-10 फीट तक डिवाइडर से ग्रिल गायब है। पुलिस लाइन से हलदाना बार्डर तक छह पेट्रोल पंप, छह ढाबे, दो शराब के ठेके, एक धर्मकांटा शामिल हैं, जिनके आगे अवैध कट बनाए गए हैं। 41 जगहों से 5-10 फीट तक ग्रिल गायब हैं। इसके अतिरिक्त ग्रिलों से जगह-जगह से सरिए निकाले गए हैं। पानीपत से कोहंड तक भी ढाबों, मंदिर और पेट्रोल पंपों के पास अवैध रास्ते बनाए गए हैं।
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एनएचएआई के अधिकारियों और रखरखाव तथा निर्माण कार्य में लगी कंपनी के पदाधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने ज्यादा अवैध कट संभव नहीं लगते हैं, जबकि जीटी रोड पर प्रतिदिन कंपनी के कर्मी कार्य में लगे रहते हैं तो अधिकारी काम के निरीक्षण के लिए आते हैं। फिर भी इन अवैध कटों को देखकर उनकी आंखें स्वत: ही बंद हो जाती हैं जो कि राहगीरों के लिए हादसे का सबब बन सकते हैं।

अवैध रास्ता बनाने वाले ढाबा मालिकों पर केस
समालखा। समालखा में जीटी रोड पर ग्रिल हटाकर अपने ढाबों के लिए अवैध रास्ता बनाने वालों पर कंपनी ने कार्रवाई की है। कंपनी ने दो ढाबों के मालिकों पर केस दर्ज कराया है। ये ढाबा संचालक दो बार ग्रिल तोड़कर अवैध रास्ते बना चुके हैं। इससे कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान भी हुआ है। इन अवैध रास्तों से सड़क हादसे होने का भी भय बना रहता है। साउथ एशियन टोलवेज के इंसीडेंट मैनेजर विनोद कुमार ने केसर ढाबे और रंगला पंजाब ढाबे के पास जीटी रोड पर ग्रिल व ड्रेन को तोड़कर अवैध रास्ता बनाने के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि ढाबों पर ग्रिल लगा दी थी, लेकिन इसे दोबारा से तोड़कर अवैध रास्ता बनाया गया है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है। दोनों रास्तों के कारण करीब दो -दो लाख रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ है।
वर्जन :
जीटी रोड पर अवैध कट नहीं बनने दिए जाएंगे। सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में भी हादसों को कम करने पर काम किया जाता है। ऐसे किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन और पुलिस संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
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डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
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