पानीपत। एनजीटी की सख्ती के बाद सेक्टर-25 से प्राथमिक डंंपिंग प्वाइंट बंद करने के बाद नगर निगम को शहर का कूड़ा डालने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। सिवाह गांव के बाद दोनों नहरों के बीच महाराना के समीप बनाए गए डंपिंग स्टेशन का भी विरोध शुरू हो गया है। यहां महाराना के साथ बिंझौल के ग्रामीण भी विरोध में उतर आए हैं। ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि शुगर मिल और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की बदबू से वर्षों में मुक्ति मिली है। अब कूड़े की बदबू गांवों तक पहुंचने लगी है। नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक ने ग्रामीणों से समाधान के लिए दो-तीन दिन का समय मांगा है।
नगर निगम ने सिवाह गांव में कूड़ा डालने का विरोध करने पर तीन दिन पहले गोहाना रोड पर दोनों नहरों के बीच महराना गांव की पंचायती जमीन पर कूड़ा डंपिंग प्वाइंट बनाया है। बिंझौल गांव और शहर की कई कॉलोनियों के नजदीक है। इससे कुछ दूरी पर महराना गांव है। रविवार दोपहर बिंझौल व महराना के ग्रामीण कूड़ा डंपिंग प्वाइंट पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने कूड़ा उठान का विरोध किया। भाजपा के सिवाह मंडल प्रधान नरेंद्र बिंझौल, बिंझौल सरपंच प्रदीप वाल्मीकि, ग्रामीण राज सिंह, बिंद्र, सुभाष व जितेंद्र ने कहा कि डंपिंग प्वाइंट से कूड़े की बदबू गांव में पहुंच गई है। ग्रामीणों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। अकेले बिंझौल ही नहीं महराना और शहर की आधा दर्जन कॉलोनियों के लोगों को सांस लेने तक की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे यहां किसी भी सूरत में कूड़ा नहीं डालने देंगे।
एसटीपी और शुगर मिल को भुगत चुके ग्रामीण-
प्रवेश कुमार व अजय ने बताया कि गोहाना रोड पर शुगर मिल और जाटल रोड सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को सहन किया है। शुगर मिल की बदबू और राख से ग्रामीणों का जीना मुहाल रहा। अब शुगर मिल उठने के बाद ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की बदबू भी कम हुई है। अब यहां कूड़ा डंपिंग प्वाइंट बना दिया गया। इससे दो गांवों के ग्रामीणों और आसपास की कॉलोनियों के लोग प्रभावित होंगे।
निगम अधिकारी ग्रामीणों का सामना नहीं कर पाए-
ग्रामीणों का विरोध देखते हुए नगर निगम के अधिकारी उनके बीच जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। अधिकारियों ने जेबीएम कंपनी के कर्मचारी प्रवीन को मौके पर भेजा। उन्होंने ग्रामीणों से बात की, लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया। उन्होंने इसके बाद नगर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक जितेंद्र नरवाल से बात कराई। नरवाल ने कहा कि निगम के पास कूड़ा डालने की जगह नहीं है। वे दो-तीन दिन यहां कूड़ा डालेंगे। इसके लिए उपयुक्त जगह देखी जा रही है। निगम जल्द ही इसे फाइनल करेगा।
शहर में पूरी तरह नहीं उठ रहा कूड़ा-
नगर निगम जेबीएम के अलावा दो कंपनियों को ठेका देने के बाद भी शहर की सफाई नहीं कर पा रहा है। कूड़ा उठान सबसे बड़ी चुनौती है। शहर के पॉश सेक्टर-11-12 कटारिया लैंड के पास आज भी कूड़े के ढेर लगे हैं। अन्य कई जगह भी कूड़े के ढेर लगे हैं। शहरवासियों ने कहा कि नगर निगम की सफाई व्यवस्था आज तक नहीं सुधर पाई है। जबकि हर महीने करोड़ों रुपये कंपनियों को दिए जा रहे हैं।