पानीपत। बिजली निगम में अब एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिसमें बिजली की खपत तो ज्यादा हो रही है जिसकी न बिलिंग और न ही उसकी भरपाई लेकिन अधिकारी इसे छुपाने में लगे हैं। बिजली निगम के अधिकारियों ने एरिया में बढ़ रहे लाइन लॉस को कम दिखा दिया। जिसकी अब जांच शुरू हो गई है। बिजली निगम के एसई ने एक्सईएन से सनौली रोड और मॉडल टाउन सब डिवीजन के फीडरों की लाइन लॉस की जांच करने के आदेश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि सनौली रोड एरिया के फीडर नांगल खेड़ी पर 40 प्रतिशत से ज्यादा का लाइन लॉस को करीब 20 प्रतिशत से कम दिखाया गया है। जिसकी वजह से बढ़ रहे लाइन लॉस पर उच्च अधिकारियों की फटकार से बचना और ग्राउंड पर खुद को बेहतर साबित करना माना जा रहा है।
बिजली निगम के एसई धर्म सुहाग ने नौ सितंबर को एक्सईएन को जारी किए आदेश में लिखा था कि सनौली रोड सब डिवीजन के फीडर नांगल खेड़ी और मॉडल टाउन के फीडर जाटल रोड के लाइन लॉस की जांच के लिए कहा था लेकिन अब तक इसकी रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी है। जबकि जिले के सभी सब डिवीजन के अंतर्गत आने वाले फीडरों के लाइन लॉस के आदेश मुख्यालय की ओर से जारी किए गए थे।
बिजली निगम में हर सब डिवीजन में हर माह लाखों रीडिंग की खपत होती है। ये लाइन लॉस जुलाई और अगस्त माह का बताया जा रहा है। जिसमें नांगल खेड़ी फीडर पर जुलाई में 27.72 लॉस के हिसाब से 1321818 रीडिंग जबकि अगस्त में 42.03 प्रतिशत लाइन लॉस के हिसाब से 1015976 रीडिंग का मामला सामने आया है। इसकी अब जांच पड़ताल की जा रही है कि असल में इन फीडरों पर कितनी बिजली खर्च हुई। इसमें से कितनी बिजली की बिलिंग हुई और कितनी बिजली चोरी आदि कर उसका नुकसान किया गया है। जिसके बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बिजली निगम एसई धर्म सुहाग ने बताया कि एक्सईएन सिटी को लाइन लॉस की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि वास्तव में कितनी खपत सही हुई है और कितनी गलत दर्ज की गई है। इसके बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।