पानीपत। पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई दिन से छाए बादल बुधवार को छट गए। सुबह हल्के बादल छाने के साथ धुंध छाई रही। जिसके चलते लोगों को फिर से ठंड का अहसास हुआ। दिन के समय धूप निकलने से लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। मौसम विशेषज्ञों ने हल्के बादल छाए रहने की संभावना जताई है। गेहूं के साथ सरसों की फसल को नुकसान के डर से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है।
जिले में बुधवार सुबह हल्की धुंध छाई रही। यह करीब नौ बजे तक छाई गई। हवा चलने के बाद धुंध कुछ कम हुई। सुबह के समय सूर्य भी बादलों में लुकाछिपी करता रहा। दिन के समय करीब हवा पांच किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा के बाद धूप निकली। लोगों ने इसके बाद राहत की कुछ सांस ली। बुधवार को अधिकतम तापमान 24 और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों ने वीरवार को भी आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना जताई है। वीरवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान कुछ कम हो सकता है। आसमान में बादल छाए रहने से किसानों की चिंता बनी हुई है। जिले में गेहूं करीब 85 हजार हेक्टेयर और सरसों करीब पांच हजार हेक्टेयर में है। सरसों की फसल पकाई पर है। ऐसे में बारिश होने पर फसल खराब हो सकती है। गेहूं की फसल में बाली आ गई हैं। हवा चलने पर फसल गिरने का डर सता रहा है।
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को गेहूं की सिंचाई रोकने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि फसल की सिंचाई करने से हवा चलने पर गिरने का खतरा बढ़ जाता है।