पानीपत। समालखा क्षेत्र में पांच साल पूर्व हुए वकील कंवरभान की हत्या के मामले में वीरवार को अदालत ने सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सबूतों के अभाव में पांच आरोपी बरी कर दिए गए। यह फैसला अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल की अदालत ने सुनाया। दोषियों पर 12-12 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसमें कुल 33 गवाह पेश हुए।
जिला न्यायवादी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि समालखा पुलिस को दी शिकायत में 18 जनवरी 2018 को समालखा के कालीरामणा मोहल्ले की रहने वाली कांता ने बताया था कि उनके पति कंवरभान (58) पेशे से वकील थे। उनके गांव निवासी अंकुर पुत्र रमेश के साथ प्लाट की जाली रजिस्टरी करवाने को लेकर झगड़ा चल रहा था। 18 जनवरी की सुबह सवा 10 बजे कंवरभान अपनी बाइक से कोर्ट के लिए चले थे। बाइक पर वह खुद भी पीछे बैठी थीं। पंजाबी मोहल्ला पहुंचे तो रास्ते में स्विफ्ट कार में सवार अंकुर, संदीप, रोहित पुत्र रमेश, नीरज पुत्र जोगिंद्र व जोगिंद्र पुत्र रघबीर समेत दो अन्य वहां मिले। उन्होंने गंडासी, लोहे की पाइप से पति कंवरभान पर हमला कर दिया। हमले में उनके दोनों हाथ, पैर व माथे पर गंभीर चोट लगी थी। शोर मचाया तो मौके पर भीड़ जुटने लगी। भीड़ देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें समालखा के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से रेफर होने के बाद परिजन उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए। फिर वहां से दिल्ली ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
कंवरभान ने 11 जनवरी को अंकुर, उसके भाई संदीप के अलावा नंबरदार राजबीर सिंह व हलका पटवारी और अन्य लोगों के खिलाफ फर्जी तरीके से कागजात तैयार कराकर उनके प्लाट की रजिस्टरी अपने नाम कराने की शिकायत की थी। उसी दिन दिल्ली के देवली गांव निवासी संजीव शर्मा ने भी अंकुर व उसके भाई संदीप, पिता रमेश, दादा दयानंद, नीरज, उसके पिता जोगिंद्र सिंह के अलावा नंबरदार व हलका पटवारी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था।
अदालत ने काली रमाणा निवासी अंकुर पुत्र रमेश, संदीप पुत्र रमेश कुमार, जोगिंद्र पुत्र रघबीर, रोहित पुत्र रमेश, नीरज पुत्र जोगिंद्र और गन्नौर के पुगथला निवासी सुनील उर्फ शीला पुत्र बलजीत सिंह, सोनू पुत्र राजेंद्र सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं बेनीवाल पाना निवासी सुमित उर्फ मोटा पुत्र जगदेव सिंह, कालीरमाणा निवासी सुमित उर्फ कमांडो पुत्र बली सिंह, नारायणा निवासी वीरेंद्र उर्फ बारू पुत्र पुर्ण सिंह, कारद निवासी रमन उर्फ रमना पुत्र राम निवास और कादर निवासी महाबीर पुत्र हरि सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
- अदालत ने दोषियों को आईपीसी की धारा 302 और 120बी के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई और 10-10 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर उन्हें छह माह की अतिरिक्त सजा होगी।
- आईपीसी की धारा 148, 149 व 506 के तहत दो-दो साल की सजा, दो-दो हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर उन्हें दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।