पानीपत। इसराना में काकोदा गांव में लूटपाट के इरादे से घर में घुसकर केयरटेकर पर डंडों से हमला करने और फिर गोली मारकर हत्या करने वाले तीन बदमाशों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. नीरज कुमार की अदालत ने सुनाया है। इसके तहत दोषियों पर 18 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
दिल्ली के प्रह्लादपुर निवासी राजेंद्र सिंह ने इसराना थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसने गांव काकोदा में 12 वर्ष पहले 12 एकड़ जमीन खरीदी थी। उसने अपनी जमीन को सोनीपत के महमूदपुर निवासी राजेंद्र सिंह को ठेके पर दिया था। उनके खेत में वर्ष 2004 से काकोदा निवासी दिलबाग उर्फ नंदी पुत्र रामेश्वर भी रहता था, जो जमीन की देखभाल करता था। राजेंद्र के पास 10 लोग मजूदरी करते हैं। 13 जनवरी की रात सूचना मिली कि किसी ने दिलबाग उर्फ नंदी की हत्या कर दी है। मौके पर पहुंचा तो मजदूरों ने कहा कि उन्हें नंदी के कमरे से आवाज सुनाई दी थी कि ठेकेदार, हमें बचा लो। वह कमरे के पास पहुंचे तो अंदर की कुंडी बंद मिली। दरवाजा तोड़ा तो नंदी जमीन पर पड़ा था। इसराना थाना पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
किला थाना क्षेत्र स्थित भैंसवाल चौक पर शराब ठेके के सेल्समैन से दो हजार की लूटपाट के मामले में आरोपी मोहाली निवासी सूरजभान उर्फ सुरजन और धनसौली निवासी सुरेंद्र उर्फ सुंदर को गिरफ्तार किया गया था। रिमांड के दौरान आरोपियों ने गन्नौर के पुगथला निवासी अनुज के साथ मिलकर गांव काकोदा में दिलबाग उर्फ नंदी की हत्या की वारदात का भी खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि हत्या का प्लान अनुज ने बनाया था। उसने कहा था कि दिलबाग जमीन की देखभाल करता है, उसके पास काफी रकम हो सकती है। उन्होंने लूटपाट का प्लान बनाया। वह 12 जनवरी की रात ट्यूवबेल पर गए। वे डंडे से लैस थे, जबकि सूरजभान के पास देशी पिस्तौल थी। वह कमरे में घुसे तो नंदी जाग गया और शोर मचा दिया, जिसके बाद सूरजभान ने उस पर गोली चला दी। अनुज ने नंदी को पकड़ लिया और उसके बाद आरोपी सुरेंद्र ने उस पर डंडे से भी हमला किया।