पानीपत। एकता विहार कॉलोनी में 22 मई 2020 को पत्नी की गला रेतकर हत्या करने में दोषी पाए गए पति को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। खास बात यह है कि आरोपी को दोषी साबित करने में उसके माता-पिता ने ही अहम भूमिका निभाई। दोनों उसके खिलाफ गवाह बने थे। दो साल तक चली मामले की सुनवाई के बाद सोमवार को दोषी को सजा सुनाई गई है।
चांदनीबाग थाना पुलिस को दी शिकायत में एकता विहार कॉलोनी निवासी इंद्रा (54) पत्नी मदन मोहन मिश्रा ने बताया था कि उसके बड़े बेटे गुंजन मिश्रा-28 की शादी वर्ष-2018 में गांव धमसेन जिला दरभंगा बिहार निवासी काजल के साथ हुई थी। 22 मई 2020 की शाम करीब 7:30 बजे उसका बेटा गुंजन और पुत्रवधू काजल अपने घर पर ही थे। इस दौरान नशे की हालत में घर पहुंचा गुंजन अपनी पत्नी काजल से झगड़ा कर रहा था। इससे परेशान होकर वे अपने दूसरे बेटे के घर चली गई। वहां से 20 मिनट बाद लौटी तो कमरे का दरवाजा बंद मिला। कमरे में काजल खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। उसका गला काटा गया था। इसकी सूचना उसने पुलिस को दी। पुलिस ने काजल को सिविल अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस को शिकायत देकर इंद्रा ने अपने ही बेटे पर हत्या का शक जाहिर करते हुए कार्रवाई की मांग की थी। अदालत में दो वर्ष से अधिक चली सुनवाई के बाद गवाही और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पति को पत्नी की हत्या में दोषी करार दिया। साथ ही उसे कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।