पानीपत। नगर निगम में इस साल प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी में पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए तीन गुना अधिक टैक्स रिकवर किया। हालांकि निगम इन सबके बीच अपने निर्धारित लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया। इस साल निगम ने 21 करोड़ रुपये की रिकवरी की। जो पिछले साल 31 दिसंबर तक सात करोड़ रुपये थी। रविवार को छूट के अंतिम दिन के साथ निगम ने 29.99 लाख रुपये की रिकवरी की।
नगर निगम में प्रॉपर्टी टैक्स में छूट 31 दिसंबर तक दी थी। निगम अधिकारियों ने लोगों की मांग को देखते हुए शनिवार व रविवार को छुट्टी के दिनों में भी कार्यालय चलाया। शनिवार को पहले दिन सर्वर डाउन होने से अपेक्षाकृत टैक्स रिकवर नहीं हो पाया था। रविवार को सुबह नौ बजे कार्यालय खुलते ही लोगों ने पहुंचना शुरू कर दिया और देर शाम तक लोगों का आना-जाना लगा रहा। रविवार को निगम में प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए 267 लोग पहुंचे। इन्होंने 29.99 लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा कराया। शाम के समय सर्वर कुछ धीमा हो गया।
नगर निगम इस बार प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी को लेकर सख्त दिखा। बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर नोटिस थमाए गए। वे इसके बाद भी टैक्स जमा कराने आगे नहीं आए तो निगम ने प्रॉपर्टी सील करनी शुरू कर दी। अधिकतर लोगों ने उसी वक्त प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराया। बाकी लोगों ने एक या दो दिन में बकाया पेमेंट की। इसके अलावा निगम अधिकारियों ने लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भी ठीक किए।
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लक्ष्य पूरा न होने का यह रहा कारण
निगम का प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी का लक्ष्य पूरा न होने का सबसे बड़ा कारण प्रॉपर्टी टैक्स में गलती है। लोग प्रॉपर्टी टैक्स ठीक कराने के लिए लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वे तकनीकी कारणों में फंस रहे हैं। निगम और शहरी स्थानीय निकाय विभाग इनको ठीक करने के लिए कई बार अभियान चला चुका है, लेकिन कमी ठीक नहीं हो पा रही है। ऐसे में टैक्स रिकवरी पूरी नहीं हो पा रही।
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बड़े बकायेदारों पर चलाया जाएगा अभियान
नगर निगम अब बड़े टैक्स बकायेदारों की पहले सूची तैयार करेगी। इनको नोटिस देकर प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने का प्रयास किया जाएगा। वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी संबंधित प्रॉपर्टी सील की जाएगी। इसके साथ शहर में लोगों को जागरूक किया जाएगा और गलत प्रॉपर्टी टैक्स को सुधारा जाएगा।
वर्जन :
निगम आयुक्त के मार्गदर्शन में प्रॉपर्टी टैक्स रिकवरी में लगातार काम किया गया। बड़े डिफॉल्टरों पर कार्रवाई के बाद राजस्व बढ़ा। पिछले पांच दिनों में करीब पांच करोड़ रुपये का टैक्स जमा हुआ। बाकी बकायादारों को नोटिस देकर प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाएगा। इसमें अब तेजी लाई जाएगी।
मनोज मिगलानी, कर अधीक्षक, नगर निगम।