पानीपत। हरियाणा सरकार की ओर से श्रम कार्ड खाताधारकों के लिए भेजे साइकिल और बर्तनों के रुपयों को स्कीम के तहत निकलवाने का झांसा देकर सीएससी सेंटर संचालक ने महराणा गांव के महिला और एक पुरुष से दस्तावेज ले लिए और गलत इस्तेमाल किया। इसमें धोखे से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर सरकार से लाखों रुपये हड़प लिए।
धोखाधड़ी का उस वक्त खुलासा हुआ, जब कोर्ट की तरफ से चार साल बाद जाली मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर सरकार से धोखाधड़ी कर रुपये हड़पे का नोटिस पहुंचा। उन्होंने आरोपी से पूछा तो उन्होंने पुलिस को शिकायत देने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पीड़ितों ने आरोपी के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है, जिस पर पुलिस ने धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
एसपी को दी शिकायत में गांव महराना निवासी ममता ने बताया कि वह अपने पति के साथ मेहनत-मजदूरी करती है। उन्होंने हरियाणा भवन निर्माण विभाग से एक कापी बनवाई थी। वर्ष 2019 में उसे गांव डाहर निवासी ललित मिला। इसने उसे बताया कि वह भवन निर्माण मजदूर संगठन के तहत कार्य करता है। उसका ऑफिस गांव डाहर और गोहाना रोड पर है। उसने विश्वास दिलाने के लिए अपना कार्ड भी दिया।
ललित ने बताया कि सरकार की तरफ से उनकी काॅपी पर साइकिल और बर्तनों के 16 हजार रुपये भेजे हुए है, अगर चाहे तो वह स्कीम के तहत निकलवा सकता है। इसके लिए ललित ने चार हजार रुपये की मांग की। वह अनपढ़ महिला है। उसने ललित के कहे अनुसार कार्ड की कॉपी और आधार कार्ड दस्तावेज दिए। कुछ पर ललित ने हस्ताक्षर भी कराए। ललित ने कहा कि सरकार से पैसे आने हैं, इसके लिए बैंक खाता नंबर मांगा।
उसने अपने पति का खाता दे दिया। पति से भी कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लिए। उनसे चार हजार रुपये लिए। 16 मई 2019 को डाहर की एक्सिस ब्रांच में उनके खाते में 2.15 लाख रुपये आए। वे इतने रुपयों को देखकर हैरान हो गए। उन्होंने ललित से पूछा कि उसने कहा कि तुम्हारी फाइल के साथ अन्य कई महिलाओं की फाइल लगाई थी, एकसाथ सरकार ने यह रकम तुम्हारे खाते में डाल दी है। ललित ने उनसे 2.15 लाख रुपये निकाल ले लिए और उनमें से 16 हजार रुपये दे दिए।
ऐसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
पीड़िता ने बताया कि खाते से 2.15 लाख रुपये निकालने के बाद उसने ललित को अपनी कॉपी रिन्यू कराने की बात कही, लेकिन वह टाल-मटोल करता रहा। ललित ने कहा कि अभी विभाग की तरफ से कॉपियों के सभी कार्य बंद किए है, जैसे कार्य शुरू होंगे तो वह बता देगा। कुछ दिनों बाद उसने दूसरे व्यक्ति से कॉपी पर स्कीम लगवाई। इसके बाद उसे अब कोर्ट की तरफ से जाली मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर सरकार से धोखाधड़ी से रुपये हड़पने का नोटिस पहुंचा।
बुजुर्ग का तीन लोगों ने बनवाया मृत्यु प्रमाण पत्र-
महराणा गांव की बलजीत कौर ने बताया कि 2019 में आरोपी ललित, रमन और विकास ने उसके साथ भी इसी तरीके के झांसे में फंसाकर दस्तावेज लिए और उसके पति बलदेव का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर सरकार से खुद रुपये हड़प लिए। अब उसके पास भी कोर्ट से नोटिस पहुंचा तो उसे धोखाधड़ी का पता चला। आरोपियों ने उसे भी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।
वर्जन
दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराकर जाली मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर सरकार से लाखाें रुपये हड़पने के दो मामलों की उन्हें शिकायत मिली है, जिन पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
-इंस्पेक्टर महिपाल सिंह, प्रभारी, मॉडल टाउन थाना।