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Panipat News: श्रीकृष्ण के बाल गोपाल रूपी लड्डू गोपाल घरों में विराजे

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पानीपत। मेरी लगी श्याम संग प्रीत ये दुनिया क्या जाने, मुझे मिल गया मन का मीत ये दुनिया क्या जाने, क्या जाने कोई क्या जाने।। श्रीकृष्ण भगवान से लगी प्रीत का उदाहरण मंदिर ही नहीं घरों में भी देखा जा सकता है। श्रीकृष्ण भगवान के बाल रूप लड्डू गोपाल घर-घर विराजे हैं। कोई लड्डू गोपाल को भगवान के रूप में तो कोई बेटे व सखा बनाए हुए हैं। कई घरों में तो लड्डू गोपाल की भगवान के साथ पूजा करते हैं। उनको अपना दुख व परेशानी रखते हैं और समाधान भी निकल आता है।
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सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में होंगे। ऐसा ही योग भगवान कृष्ण के जन्म के समय बना था। उस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में ही थे। सोमवार को रोहिणी नक्षत्र और चंद्रमा का वृषभ राशि में होना बेहद ही शुभ फलदायी होगा। आइए हम आपको ऐसी महिलाओं से मिलवाते हैं जो लड्डू गोपाल को घर में संभाले हुए हैं।

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सखा के रूप में रखती हैं लड्डू गोपाल
ज्योत्सना बैंक कॉलोनी निवासी ज्योत्सना गर्ग ने बताया कि उनकी शादी 1979 में श्याम किशोर गर्ग के साथ हुई थी। वे जब लड्डू गोपाल को रखते थे। उस समय उनको इतनी समझ नहीं थी। वह भी उनके साथ लड्डू गोपाल की देखभाल करने लगीं। धार्मिक कार्यक्रमों में जाने के बाद लड्डू के बारे में समझ आने लगी। वह लड्डू को सखा के रूप में देखती हैं। उनको खाना खिलाने के बाद खाना खाती हैं। लड्डू गोपाल भी अपने मन की बात कह देते हैं। कई बार स्नान कर कपड़े पहनाते हैं तो उनको कोई कपड़ा पसंद न हो तो वह नहीं मिलता। जबकि बाद में वहीं मिलता है। इसी तरह एक बार परिवार के साथ कहीं जा रहे थे। उन्होंने गाड़ी के डैशबोर्ड पर लड्डू गोपाल को बैठा दिया। उनका मुकुट बार-बार गिर रहा था। उनको बाद में समझ आया कि आगे उनको गर्मी लग रही है। उन्होंने अपनी गोद में लिया, तब आराम से बैठे।
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बेटे के रूप में लड्डू गोपाल : डॉ. ऋतु
सेक्टर-7 निवासी डॉ. ऋतु चौधरी ने बताया कि उनके 12 साल से लड्डू गोपाल है। वह एक मेले में गई थी। यहां कर्नाटक से एक बुजुर्ग महिला दुकान लगाए हुए थी। उन्होंने यहां से सजावट का कुछ सामान लिया था। महिला दुकानदार ने उनको लड्डू की सेवा करने को दिया था। वह तब से लड्डू को अपने बेटे के रूप में पूजा करती हैं। इनका नाम कान्हा जी रखा है। इसके बाद मेरे बेटे असमीत का जन्म हुआ। वह इनको अपने लिए भाग्यशाली समझती हैं। उनको कोई परेशानी आती है तो इनके आगे पूरी बात रखती हैं। इसके बाद उसका हल निकल आता है।



कपड़ों से शृंगार का बढ़ रहा बाजार
मॉडल टाउन स्थित छाबड़ा स्टोर के संचालक अनूप छाबड़ा ने बताया कि लड्डू गोपाल के कपड़ों और शृंगार समेत सामान की शहर में करीब दो सौ दुकानें हैं। पिछले कई साल से लोग लड्डू गोपाल को घरों में लाने लगे हैं। इनको अलग-अलग रूप में रखते हैं। कुछ लोग इनकी भगवान के रूप में भी पूजा करते हैं। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के शृंगार से लेकर कपड़ों की खूब बिक्री रही है। लोग झूला, बेड और कुर्सी समेत सामान्य प्रयोग में आने वाला सारा सामान रखते हैं।




श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पूजा विधि
डॉ. रामराज कौशिक ने बताया कि जन्माष्टमी पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। घर के मंदिर में साफ-सफाई करें। घर के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलित करें। सभी देवी- देवताओं का जलाभिषेक करें। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की पूजा करें। लड्डू गोपाल को झूला झूलाएं। रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना करें। लड्डू गोपाल को मिश्री व मेवा का भोग लगाएं। लड्डू गोपाल की आरती करें। इस दिन अधिक से अधिक श्री कृष्ण का ध्यान रखें।
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