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Panipat News: जिले के 57 प्रतिशत लोगों की रगों में खून की कमी

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पानीपत। हाल में 100 दिन तक चले एनीमिया मुक्त अभियान की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से जारी हो गई है। टेक्सटाइल नगरी के लिए यह रिपोर्ट चिंतनीय है। रिपोर्ट के अनुसार पानीपत के 57 प्रतिशत लोगों की रगों में खून की कमी है। 61 प्रतिशत बच्चे एनीमिक मिले हैं।
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आठ जुलाई से आठ अक्तूबर तक चले अभियान में स्वास्थ्य विभाग की लगभग 200 टीमों ने जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर 145862 लोगों की जांच की है। इसमें 83213 लोगों में रक्त की कमी मिली। इनमें 2585 लोगों, बच्चों व महिलाओं में खून की मात्रा पांच ग्राम से भी कम मिली है। 48559 लोगों में खून की मात्रा आठ ग्राम से कम मिली। जबकि 32069 लोगों में खून की मात्रा साढ़े नौ ग्राम से कम मिली है। जांच अभियान के दौरान 7475 लोगों को जिला नागरिक अस्पताल रेफर किया गया है। यहां इनका इलाज किया जाएगा। पानीपत में एनीमिया के मामले में पानीपत प्रदेश में 19 वें स्थान पर है। इस गंभीर विषय को डीजी हेल्थ ने पानीपत सिविल सर्जन को एनीमिया के कारणों पर अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पानीपत में साढ़े चार लाख प्रवासी लोग रहते हैं।इनमें से 60 प्रतिशत लोग ईंट भट्ठाें, झुग्गी झोपड़ियों व फैक्ट्री में लेबर क्वार्टर में रहते हैं। प्रवासी लोगों में साक्षरता दर 50 प्रतिशत से भी कम है। इसलिए स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता की कमी है। यहां एनीमिया का सबसे बड़ा खतरा है। इसके अलावा हर माह की नौ तारीख को लगने वाले प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षा अभियान में यह स्पष्ट हो चुका है कि पानीपत में 65 प्रतिशत प्रसूताओं में रक्त नौ ग्राम से भी कम है। इसका मुख्य कारण खानपान के प्रति जागरुकता की कमी है।
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अब एनीमिया के असल कारण जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग एनीमिया के मरीजों पर अध्ययन कर रहा है। इसके लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से 90-90 एनीमिया के मरीजों के रक्त के सैंपल लिए गए हैं। अब डॉक्टर एनीमिया के मरीजों के खान पान, रहन सहन व शरीर की बीमारियों का अध्ययन कर रहे हैं। अध्ययन की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। अब अगला एनीमिया मुक्त भारत अभियान जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होगा। अब जो एनीमिक मिले हैं उनको फॉलो किया जा रहा है।


स्वास्थ्य केंद्र- कुल जांच- खून की हल्की कमी- गंभीर श्रेणी- अति गंभीर- रेफर

अहर - 2061 605 600 39 55

मांडी- 1471 288 361 16 17

मतलौडा- 1443 283 425 33 09

नौल्था- 1620 328 657 74 108

कवी- 653 95 192 30 14

सींक- 7851 1508 1716 33 2821

बापौली- 324 66 167 09 03

काबड़ी- 890 275 164 06 15

सिवाह- 1493 329 500 43 01

उग्राखेड़ी- 411 99 146 04 36

उझा- 720 175 299 21 47

समालखा- 4233 781 1190 143 53

नारायणा- 1247 221 460 35 14

चुलकाना- 2240 606 509 18 16

पट्टीकल्याणा- 521 106 123 03 03

पानीपत जीएच- 25995 6633 9386 188 198

आट्टा- 713 137 174 03 24

राजनगर- 2203 591 590 37 109

सेक्टर 25- 2860 531 1692 33 86

ददलाना- 1008 205 312 24 05

राजीव कॉलोनी- 3572 743 1811 85 565

बतरा कॉलोनी- 2908 539 1252 72 342

रेरकलां- 785 127 228 10 05

इसराना- 647 135 198 06 02



वर्जन-

डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग ने बताया कि एनीमिया गंभीर समस्या है। इसके लिए हर तीन माह में अभियान चलाया जाता है। अब 100 दिन के अभियान की रिपोर्ट चिंतनीय है। एनीमिक लोगों को फॉलो किया जा रहा है। उनका इलाज कराया जा रहा है। एनीमिया पर अध्ययन भी चल रहा है।
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