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Panipat News: किट न सैंपल, तैयारी भी नाकाफी, कैसे काबू होगी इंफ्लूएंजा बीमारी

Wed, 15 Mar 2023 02:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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पानीपत। एच-3, एन-2 इंफ्लूएंजा वायरस का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लेकिन यहां इंफ्लूएंजा से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां भी नाकाफी हैं। अस्पतालों में अभी जांच किट भी नहीं हैं। अब तक डॉक्टरों ने किसी संदिग्ध मरीज का सैंपल नहीं लिया है। ऐसे में एच-3, एन-2 इंफ्लूएंजा वायरस से कैसे निपटा जाएगा यह एक अहम सवाल बना हुआ है।
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इधर जिले में मंगलवार को खांसी, बुखार और जुकाम के मरीजों की ओपीडी 380 तक पहुंच गई। पहले यह इन बीमारियों के मरीजों की ओपीडी 200 से 250 के बीच रहती थी। इन स्थितियों को देखते हुए सिविल सर्जन ने किटों की मांग भेजने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार यहां के सैंपल रोहतक पीजीआई भेजे जाएंगे।
गाइडलाइन के अनुरूप करना होगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
एच-3, एन-2 इंफ्लूएंजा वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गाइडलाइन जारी कर दी है। विभाग के अनुसार इसके अनुरूप अस्पताल में फ्लू वार्ड बनाना होगा। अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लागू किया जाएगा। मास्क का प्रयोग भी अनिवार्य कर दिया गया है। सिविल सर्जन ने आईएमए से भी इस वायरस से निपटने में सहयोग मांगा है। साथ ही निजी अस्पतालों से प्रतिदिन की ऐसे रोगियों की रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए हैं।
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सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी अलर्ट
विभाग ने सभी सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी अलर्ट कर दिया है। केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि बुखार, खांसी , जुकाम, छाती में दर्द व सांस संबंधी रोगियों पर नजर रखें। इनकी प्रतिदिन की रिपोर्ट सिविल अस्पताल में भेजी जाए।

नहीं है इंफ्लूएंजा बीमारी संबंधी दवा, डिमांड भेजने के निर्देश
सिविल अस्पताल प्रबंधन ने चीफ फार्मासिस्ट को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में इंफ्लूएंजा संबंधी दवा का स्टॉक होना चाहिए। अगर दवा नहीं है तो उसकी तत्काल डिमांड भेजी जाए। फिलहाल अस्पताल में इस रोग संबंधी दवा उपलब्ध नहीं है।

डेंगू वार्ड को स्वाइन फ्लू वार्ड में बदलेंगे
फिलहाल सिविल अस्पताल के चौथे तल पर स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया जा रहा है। अब डेंगू वार्ड का नाम स्वाइन फ्लू वार्ड किया जाएगा। यहां पर रोगियों के लिए 10 बेड लगाए जा रहे हैं।
वर्जन :
इंफ्लूएंजा वायरस के संदिग्ध रोगियों पर नजर रखी जा रही है। सिविल अस्पताल में ही सैंपल की जांच करने का प्रयास है । अस्पताल में जांच किट मंगवाई जाएंगी। एडवायजरी के अनुसार कार्य किए जा रहे हैं। संदिग्ध रोगी को सैंपल के लिए रोहतक पीजीआई भेजा जाएगा। निजी व सरकारी सभी डॉक्टरों को मरीजों को चिह्नित करने निर्देश दिए हैं।
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डॉ. सुनील संदूजा, डिप्टी सिविल सर्जन
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