फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: खाकी हो रही दागदार, चौथे महीने में दूसरा इंस्पेक्टर फंसा

Sat, 20 Apr 2024 06:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

पानीपत। सेवा, सुरक्षा और सहयोग का नारा देने वाली पुलिस कर्मचारी बड़े मामलों में धारा बदलने के फेर में खाकी को दागदार कर रहे हैं। पिछले चार महीने में दो थाना प्रभारी इस तरह से वर्दी पर दाग लगा चुके हैं। एक मामले में थाना चांदनी बाग प्रभारी ने जांच अधिकारी के साथ मिलकर हत्या के मामले को हादसा दिखा दिया। एसपी ने जांच कराई तो जांच अधिकारी और इंस्पेक्टर फंस गए। अब दुराचार के मामले में आरोपी को निकालने के लिए एक लाख रुपये रिश्वत मांगने के मामले में सेक्टर-13-17 के प्रभारी फंस गए हैं।
इंस्पेक्टर विलासाराम को सात महीने पहले थाना प्रभारी लगाया था। वे सदर थाना में भी रहे चुके हैं। सेक्टर-13-17 थाना में उन्होंने कई मामलों को सुलझाया भी था। इसके साथ उनके कई मामले भी अधिकारियों के सामने आ चुके थे। इसी बीच दुराचार के एक मामले में आरोपी का नाम निकालने के लिए एक लाख रुपये की मांगने की शिकायत आ गई। एंटी करप्शन ब्यूरो ने इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन इंस्पेक्टर कानून की समझ होने के चलते उस समय हाथ से निकल गया। पुलिस अब इंस्पेक्टर के खिलाफ आगामी कार्रवाई करने की तैयारी में है।
विज्ञापन

थाना चांदनी बाग के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर कर्मबीर और जांच अधिकारी एएसआई सतीश ने जनवरी महीने में भारत नगर निवासी आरिफ की हत्या को हादसा करार दिया था। आरोप हैं कि दोनों ने आरोपियों से लाखों रुपये ले लिए थे। परिजनों को भी समझौता के साथ सरकारी मदद का भरोसा दिया था। परिजनों को संस्कार के लिए कुछ पैसे देकर शांत कर दिया। परिजनों ने एसपी के सामने पेश होकर मामले का खुलासा किया। तत्कालीन एएसपी मयंक मिश्रा ने मामले की जांच की। इसके आधार पर इंस्पेक्टर कर्मबीर और जांच अधिकारी एएसआई सतीश समेत चार दलालों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। इंस्पेक्टर कर्मबीर और एएअसाई सतीश को गिरफ्तार कर लिया था।

पिछले दिनों में कई रिश्वतखोर फंसे
एंटी करप्शन ब्यूरो ने पिछले दिनों कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्वास्थ्य विभाग में पीएनडीटी के तत्कालीन प्रभारी पवन पर पिछले दिनों रिश्वत मांगने के आराेप थे। एंटी करप्शन ब्यूरो कैथल और अंबाला की टीम ने बिचौलिए एक डॉक्टर को रंंगे हाथों गिरफ्तार किया था। पीएनडीटी प्रभारी डॉ. पवन और क्लर्क फरार हो गए थे। डॉ. पवन गत दिनों इसमें अग्रिम जमानत ले आए हैं। इसी तरह से बापौली तहसील के एक पटवारी को 80 हजार रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन


पुलिस को शिकायत और जांच के आधार पर कार्रवाई करनी होती है। क्राइम बैठकों में सबको इसकी हिदायत भी दी जाती है। कानून सबके साथ बराबर होते हैं। इस मामले में इंस्पेक्टर के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - अजीत सिंह शेखावत, एसपी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें