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Panipat News: पुलिस से गिड़गिड़ाता रहा... बच्चे भूखे हैं और सिलिंडर खत्म हो गया है

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पुलिस से गिड़गिड़ाता रहा... बच्चे भूखे हैं और सिलिंडर खत्म हो गया है
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नहीं माने पुलिसवाले तो खुद को किया आग के हवाले, 60 प्रतिशत तक झुलसा
बोला- रोज गालियां सुनकर अपना स्वाभिमान कैसे मार सकता हूं, पत्नी को देख फूट-फूट रोया
संदीप सिंह





पानीपत। घर में सिलिंडर खत्म हो गया और जेब में मात्र 300 रुपये थे। पत्नी ने फोन कर कहा कि जब सिलिंडर भरा जाएगा, तभी खाना बन पाएगा। बच्चे भी भूखे हैं। सोच रहा था कि जल्द सिलिंडर के पैसे पूरे हों और घर जाऊं। उम्मीद थी कि शाम सात बजे तक 600 रुपये कमाकर सिलिंडर भरवा लूंगा। दोपहर दो बजे तक 400 रुपये कमा भी लिए थे। अब 200 रुपये की जरूरत थी। गुरुद्वारा के सामने सवारियां बैठा रहा था तभी पुलिसकर्मी वहां आ गए और ऑटो पर डंडे मारने लगे। गिड़गिड़ाने पर भी नहीं माने। उल्टे गाली गलौज और मारपीट करने लगे। फिर पुलिस चौकी ले जाने की धमकी देने लगे। घर की परेशानियों और पुलिस की प्रताड़ना के बाद लगा कि इस जिंदगी से तो मौत ही अच्छी है, यह सोचकर खुद पर डीजल छिड़ककर आग लगी ली। उक्त आपबीती बयां करसाईं कॉलोनी का अकरम दर्द से चिल्लाने लगा।
आग से झुलसे अकरम की छाती, पेट और गर्दन बुरी तरह से जल चुके थे। डॉक्टरों के अनुसार, उसके अंदरूनी अंगों पर भी काफी प्रभाव पड़ा है। वह 60 प्रतिशत तक जल चुका है। आग से झुलसने के बाद अकरम बच्चों को याद कर चिल्ला चिल्ला कर रो रहा था। पुलिस वालों से विनती कर रहा था कि एक बार पत्नी से बात करवा दो, वह बोल देगा कि सिलिंडर के पैसे इकट्ठा हो गए हैं। बार-बार रोते हुए अकरम पुलिस को कोस रहा था। कहता रहा कि गरीब आदमी कैसे जीवन जी रहा है, इससे किसी को कोई लेना देना नहीं है?
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वह दिनभर ऑटो चलाकर किसी तरह से परिवार का पालन पोषण करता है, लेकिन पुलिस वाले चाहते हैं कि ऑटो चालक उन्हें भी कमाकर पैसे दें। ऐसा कैसे मुमकिन है। रोज गालियां सुनकर अपना स्वाभिमान कैसे मार सकता हूं। पहले वह सब्जी की रेहड़ी लगाकर जीवकोपार्जन करता था, वहां कमाई नहीं होती थी इसलिए दो साल पहले पड़ोसी से पैसे उधार लेकर ऑटो खरीदा था। अकरम के झुलसने की सूचना पर रात लगभग सवा आठ बजे अकरम की पत्नी नागरिक अस्पताल पहुंची। वह पत्नी को देखकर फूट फूटकर रोने लगा। इस बीच डॉक्टरों ने उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया है। पत्नी के अनुसार, उसके दो बच्चे हैं। बड़ा बेटा पांचवीं और छोटी बेटी तीसरी कक्षा में है। उसके दाखिले चल रहे हैं। घर में काफी खर्चा है, इसलिए अकरम सुबह से देर रात तक मेहनत करता है।
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नागरिक अस्पताल की डॉ. कविता गौतम ने बताया कि ऑटो चालक बहुत अधिक जल गया है। उसको तुरंत आईसीयू की जरूरत है। उसकी हालत गंभीर है, इसलिए उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है।
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