नवरात्र के तीसरे दिन किया मां चंद्रघंटा का पूजन, गूंजे मां के जयकारे, दर्शनों के लिए मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, बाजार में हुई जमकर खरीदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन शुक्रवार को देवी मंदिरों में आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। शहर के मंदिरों के कपाट सुबह चार बजे ही खोल दिए गए। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पूजा अर्चना करने पहुंचे। सुबह ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। नारियल, चुनरी, फल व पंचामृत अर्पित कर मनवांछित फल की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठे।
देवी मंदिर, सेक्टर 12 स्थित सनातन धर्म शिव मंदिर, मॉडल टाउन सनातन धर्म मंदिर, गीता मंदिर, अवध धाम मंदिर व आठ मरला राधाकृष्ण मंदिर में सुबह बजे से भक्त पहुंचने लगे। जय मां अंबे..जय जगदंबे के जयकारों से मंदिर गूंज उठा। भक्त थाल में फूल, पान व प्रसाद लेकर देवी मंदिर पहुंचे। सुबह छह बजे के बाद मंदिर में भीड़ बढ़ने लगी। दोपहर 12 तक मैया के दर्शन के लिए कतार लगी रही। श्रद्धा-भाव से ज्योत जलाकर मां चंद्रघंटा की पूजा की। माता की प्रतिमा पर चुनरी, नारियल, शृंगार का सामान, फल व मिठाइयां अर्पित किया।
प्राचीन देवी मंदिर में शाम छह बजे आरती की गई। मंदिर के पुजारी पंडित शिवदत्त शुक्ला ने बताया कि देवी मैया के चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामना पूरी होती हैं। नवरात्र पर देवी मंदिर में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। महाअष्टमी का त्योहार बुधवार 29 मार्च को मनाया जाएगा। बाजारों में भी भीड़ जुटी रही। लोग माता की चुनरी, नारियल, श्रृंगार का सामान, फल व मिठाइयां खरीदते दिखाई दिए। लोगों ने गरीबों को खान-पान की चीजें व कपड़े भी दान किए। आदिशक्ति भवानी का चौथा रूप मां कूष्मांडा की पूजा नवरात्रि के चौथे दिन की जाती है।