पानीपत। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में दाखिला प्रक्रिया खत्म होने के बावजूद 18.30 फीसदी सीटें खाली हैं। पांचवें चरण की दाखिला प्रक्रिया 26 नवंबर को खत्म होने के बाद 28 से 30 नवंबर ऑन द स्पॉट दाखिला प्रक्रिया चली। इसके बावजूद 81.70 प्रतिशत सीटों पर ही प्रवेश किए जा सके।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान जीटी रोड पानीपत में अब तक 755 छात्रों का ही दाखिला हो पाया है। पहले पांच राउंड की ऑनलाइन काउंसलिंग में 643 बच्चे दाखिला पा सके, वहीं तीन दिन तक चले फिजिकल काउंसलिंग में 112 छात्रों ने प्रवेश लिया। अभी भी पानीपत राजकीय आईटीआई में 18.30 प्रतिशत सीटें खाली हैं।
इन ट्रेड्स में 169 सीटें खाली
संस्थान की अभी 169 सीटें रह गई हैं। इनमें कारपेंटर में 10, फोरजर एंड हीट ट्रीटर में 14, फाऊंडरीमैन टेक्नीशियन में 34, मैकेनिक ट्रैक्टर चार, एमसीईए में छह, प्लंबर में 10, शीट मेटल में 13, साइल टेस्टिंग में 12, टीपीईएस में 15, टूल एंड डाई मेकर में पांच, टर्नर में आठ, स्पिनिंग टेक्नीशियन में 18, टैक्सटाइल वेट प्रोसेसिंग टेक्नीशियन में दो सीट रिक्त रह गई है।
16 सितंबर से शुरू हुई थी आवेदन प्रक्रिया
जिले की 13 आईटीआई में करीब 2500 सीटों पर दाखिले के लिए 16 सितंबर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई, जो 7 अक्तूबर तक जारी रही। पहली मेरिट लिस्ट 13 अक्तूबर को जबकि पांचवीं मेरिट लिस्ट 24 नवंबर को जारी की गई। राजकीय आईटीआई पानीपत में 924 सीटों पर 7430 आवेदन प्राप्त हुए थे जबकि अब तक 755 विद्यार्थियों ने ही दाखिला सुनिश्चित किया है जो कुल सीटों का 81.70 प्रतिशत है।
छात्रों ने नहीं दिखाया रुझान
इतने अरसे के बाद पानीपत आईटीआई में वीविंग और स्पिनिंग टेक्नीशियन के जो कोर्स पानीपत औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, आईटीआई में लाए गए। इसके बावजूद भी यहां के छात्रों ने इनके प्रति अच्छा रुझान नहीं दिखाया। जबकि ये ट्रेड पानीपत के औद्योगिक जगत से जुड़े हैं। इनको करने के बाद यहां के छात्रों को रोजगार पाने में आसानी होती। पानी टेक्सटाइल जगत का एक बड़ा हब है और यहां पर टेक्सटाइल से संबंधित कोर्स करने वाले युवाओं को जरूरत है। डॉ. कृष्ण कुमार, प्रधानाचार्य पानीपत आईटीआई