सनौली रोड़ पर कांवड़ लेकर आते कांवड़िए।
इसराना। पानीपत-रोहतक नेशनल हाईवे सावन माह में भोले के जयकारों से गूंजने लगा है। सिवाह नहर पुल से जिले के अंतिम गांव कैत तक करीब 18 शिविर लगाए गए हैं। शिविर में कांवड़ियों के लिए भोजन के साथ दवा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सिवाह नहर पुल के पास, डाहर टोल के पास, एनसी मेडिकल कॉलेज के गेट के पास व इसराना में राम सिंह धर्म कांटे पर शिविरों की शुरुआत हो चुकी है। कांवड़िये सुबह से शाम तक लगातार चल रहे हैं। संवाद