फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: सिंचाई विभाग ने कटाव रोकने को 65 स्टड बनाए

विज्ञापन
विज्ञापन
सनौली। यमुना में तेज पानी आने पर कटाव रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने 65 स्टड बनाई हैं। ग्रामीणों को ये नाकाफी लग रही हैं और तेज पानी आते ही स्टड के साथ मिट्टी को भी बहा ले जाने का डर बना हुआ है। इन सबके बीच पत्थर की ठोकर लगाने वाला ठेकेदार उसी तरीके से काम में लगा हुआ है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों में कुछ तेजी दिखी है या फिर ग्रामीण इसको लेकर आगे आए हैं।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि यमुना में पिछले साल अधिक पानी आने पर तामशाबाद के बाद तटबंध टूट गए थे। इसमें तीन लोगों की बाढ़ में मौत तक हो गई थी। हजारों एकड़ फसल तबाह हो गई थी। ग्रामीण बड़ी मुश्किल से इससे उबर पाए थे। सिंचाई विभाग को यमुना नदी पर बाढ़ बचाओ प्रबंध के तहत 15 जुलाई तक पत्थरों की ठोकर लगाने का काम पूरा करना था, लेकिन पत्थरों की कमी की वजह से अब यमुना में विभिन्न गांवों में मिट्टी के अस्थायी स्टड लगाए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग ने गांव राणा माजरा में 18, तामशाबाद में करीब नौ, खोजकीपुर में 18, हथवाला में 12 सहित करीब 65 मिट्टी के स्टड लगाए हैं। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि बाढ़ प्रबंधन के पुख्ता प्रबंध को लेकर हथवाला, गोयला, पत्थरगढ़ में करीब 40 और स्टड सहित करीब 65 और मिट्टी के कट्टों के स्टड लगाए जाएंगे। वहीं विभाग के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग ने मिट्टी के कट्टों से स्टड लगाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा हैं। ताकि बाढ़ बचाव के पुख्ता प्रबंध किए जा सके।

यमुना तटबंध पर गांव राणा माजरा में जो पत्थरों की ठोकरें लगनी थी, ठेकेदार के छह डंपर पत्थर तो पहले आ चुके थे और पांच डंपर बुधवार को आए हैं। गांव खोजकीपुर में भी बुधवार को पत्थरों के 4-5 डंपर आए हैं और इनसे पत्थरों की ठोकरें लगाई जाएगी। जितना पत्थर आता रहेगा तो उसकी ठोकरें लगाई जाएगी और पत्थरों की कमी की वजह से जहां पत्थरों की ठोकरें नहीं लग पाई है, वहां पर मिट्टी के कट्टों के स्टड लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन


गांव राणा माजरा, पत्थरगढ़, नवादा, तामशाबाद, नन्हेड़ा व खोजकीपुर के ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा यमुना में पत्थरों की ठोकरों के स्थान पर अस्थायी रूप से मिट्टी के कट्टों के स्टड लगाए जा रहे हैं। जबकि पत्थरों की ठोकरें ज्यादा मजबूत होती हैं और यमुना के पानी से वही मिट्टी के कटाव को रोक सकती हैं। सिंचाई विभाग पांच दिनों पत्थर की ठोकर नहीं लगा पाएगा।

वर्जन-
बाढ़ के पुख्ता प्रबंध का दावा

सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी ने बताया कि यमुना नदी पर बाढ़ बचाओ के प्रबंध पूरी तरह से पुख्ता हैं। कोई भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। विभाग द्वारा यमुना के पानी द्वारा मिट्टी के कटाव को रोकने को लेकर करीब 50 मिट्टी के अस्थायी स्टड लगाए जा चुके हैं। उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार 50-60 और भी स्टड लगाए जाने हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें