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Panipat News: घुटने का गलत ऑपरेशन करने के मामले की जांच पूरी

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पानीपत। वैसर गांव के राजमिस्त्री के घुटनों का गलत ऑपरेशन करने के मामले की जांच पूरी हो गई है। जिला नेग्लिजेंसी कमेटी ने बुधवार को अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंप दी है। सिविल सर्जन ने रिपोर्ट का अध्ययन किया है। ने वीरवार को उपायुक्त को रिपोर्ट सौपेंगे। यह जांच तीन डॉक्टरों की कमेटी ने तैयार की है। रिपोर्ट में नेग्लिजेंसी कमेटी के सदस्यों ने डॉ. हर्ष व विवेक पांडे, अस्पताल प्रबंधन समिति के सदस्य व पीड़ित रणबीर के बयान दर्ज किए है। तीन डॉक्टरों की कमेटी ने रणबीर के इलाज की फाइल जांची है। उसके ऑपरेशन के पहले और बाद के एक्सरे भी जांचे हैं।
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वैसर गांव निवासी रणबीर ने बताया कि वह राजमिस्त्री का काम करता था। वह अपनी बहन के पास पानीपत के डिकाडला गांव में रहता है। वह अप्रैल में घर में झाडू पौंछा करते समय फिसल गया था। जिससे उसके घुटने पर सूजन आ गई थी। वह उसे 13 मई को ऑस्कर अस्पताल में आया था। वहां पर डॉ. हर्ष व विवेक पांडे ने उसकी जांच की और दाएं पैर के ऑपरेशन को कहा था। उसको उसी दिन अस्पताल में दाखिल कर लिया गया था। उसका अगले दिन 14 मई की रात को आयुष्मान योजना के अंतर्गत उसका ऑपरेशन किया गया था। उसे जब होश आया तो उसने देखा कि उसका दाहिना पैर तो ऐसे ही था, जबकि बाएं पैर के घुटने का ऑपरेशन कर दिया था। उन्होंने डॉक्टर को बुला ऑपरेशन गलत करने की बात बताई। उन्होंने अपनी गलती मानी। उन्होंने दाहिने पैर का भी ऑपरेशन करने की कही। डॉक्टरों ने उसको खर्चे की चिंता न करने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि अगर वह ठीक नहीं हुआ तो उसे घर बैठे पूरा खर्च दिया जाएगा। इसके एक घंटे बाद उसके दाएं पैर का भी ऑपरेशन कर दिया। उसको पांच मई को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। अब वह न तो चल पाता है और न कोई काम कर पाता है। वह अपंग हो चुका है। डॉक्टरों ने उसका खर्च तक नहीं दिया। जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि मामले की जांच लगभग पूरी हो गई है। रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। डीसी को वीरवार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
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