समालखा। प्रदेश सरकार ने 29 वर्षो के बाद नगरपालिका सीमा वृद्धि करते हुए गज़ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सीमा वृद्धि होने से नगर पालिका को अपग्रेड करके नगर परिषद बनाने का रास्ता भी साफ हो गया है। इससे शहर वासियों में खुशी की लहर है ।
पालिका सीमा विस्तार कराने व नगर परिषद बनवाने के लिए पिछले दो वर्षों से संघर्षरत समालखा बचाओ संघर्ष मोर्चा संयोजक एवं आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि यह सीमा विस्तार 29 वर्षो के बाद हुआ है। इससे करीब 20 अवैध कालोनियों में विकास कार्य होंगे। हरियाणा सरकार (शहरी निकाय विभाग) के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन मुताबिक पालिका सीमा का विस्तार समस्त रेवेन्यू एस्टेट समालखा व भापरा सहित साथ लगते तीन गांवों पावटी,गांव पट्टीकल्याणा व गांव किवाना का कुछ कुछ रकबा शामिल किया गया है ।
पीपी कपूर ने बताया कि वर्ष 1982 मे समालखा मे नगरपालिका बनी थी। करीब 29 वर्ष पहले वर्ष 1995 में पालिका सीमा का एक बार विस्तार हुआ था लेकिन उसके बाद पालिका सीमा विस्तार करवाने के लिए किसी एमएलए,एमपी या किसी सरकार ने कोई सुध नहीं ली । फरवरी 2019 में गांव जौरासी की रैली में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पालिका सीमा विस्तार की घोषणा की थी लेकिन इस सीएम घोषणा को पूरा करने में पांच वर्ष का लंबा समय लग गया। पालिका सीमा विस्तार न होने का खामियाज़ा शहर की करीब बीस नई बनी अवैध कालोनियों के वासियों को भुगतना पड़ा। कपूर ने बताया कि अब पालिका सीमा विस्तार हो जाने से रेलवे लाइन पार की भरत नगर कालोनी,चुलकाना रोड की शास्त्री कालोनी, श्री तारा एंकलेव कालोनी, गांव पावटी की मयूर विहार,चंदन गार्डन कालोनी, गणेश नगर कालोनी,सीता राम कालोनी एक्सटेंशन कालोनी, प्रीतम पुरा एकस्टेंशन,न्यू दुर्गा काॅलोनी,गांधी कालोनी एक्स्टेंशन सहित 20 कालोनियों को लाभ मिलेगा। इन कालोनियों के वासी पालिका चुनावों मे वोट डाल सकेंगे, सफाई,स्ट्रीट लाइट, पक्की गलियां,नालियां, सीवर पाइप,पेयजलापूर्ति जैसी बुनियादी जरूरतें प्राप्त कर सकेंगे । पालिका सीमा में शामिल एरिया में अब विकास कार्य होंगे।