पानीपत। पंजाब लैंड इंप्रूवमेंट एक्ट की जिलास्तरीय बैठक में चार केसों में से एक को आपसी सहमति से निपटाया गया। बाकी में आगामी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। जिला सचिवालय के सभागार में बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त वीरेंंद्र दहिया ने की। उन्होंने एक केस का आपसी सहमति पर निस्तारण किया। इसमें मांडी वासी सुरेश ने शिकायत दी थी। दूसरे केस की शिकायत देव वासी चुलकाना की रही। इसमें दूसरी पार्टी के उपस्थित न होने से उपायुक्त ने उन्हें नोटिस देने का निर्देश दिया। तीसरी शिकायत बीरबल निवासी आट्टा गांव की रही। उपायुक्त ने इस पर सड़क के साथ पाइप ले जाने का निर्देश दिया। चौथी शिकायत सुमित की थी, जिसमें पंचायती जमीन के बाबत इसे फाइल कर किया गया। उपायुक्त वीरेंद्र दहिया ने बताया कि पंजाब लैंड इंप्रूवमेंट एक्ट के तहत यह प्रावधान किया गया है कि कोई भी किसान अपने खेत में सिंचाई इत्यादि के लिए पानी के पाइप के माध्यम से पानी लाना चाहता है और बीच में किसी अन्य किसान का खेत आता है तो वह उस किसान के खेत में से साढ़े तीन फीट जमीन के नीचे पाइप दबाकर पानी ला सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अपने पड़ोसी किसानों की फसल की सिंचाई के लिए वे भाईचारा बनाकर रखें और फसल की सिंचाई के लिए पाइप को अपनी जमीन में दबाकर भाईचारे का परिचय दें। इस मौके पर कृषि विभाग करनाल के डिस्टि्रक्ट स्वॉयल ऑफिसर धर्मपाल सिंह, एएसयू दिलबाग सिंह मौजूद रहे।