पानीपत। विधायक प्रमोद विज के जिला नागरिक अस्पताल के निरीक्षण से बड़ी लापरवाही सामने आई। यहां ह्दय रोगियों की ईसीजी मेडिकल संस्थान के छात्र करते पाए गए। यह छात्र महज छह माह से ही मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। जब विधायक ने उन्हें ईसीजी करते देखा तो उन्होंने तुरंत डीजी हेल्थ को फोन कर इस लापरवाही की जानकारी दी। डीजी हेल्थ ने जिला सिविल सर्जन को इस लापरवाही पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यही नहीं विधायक दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे दिव्यांगों के बीच पहुंचे तो शिविर में महज एक डॉक्टर मिला। वह इस पर भड़क गए। उन्होंने खुले शब्दों में कहा कि यहां पैसे देने वालों के ही दिव्यांग पत्र बनते हैं। सिविल सर्जन पूरे मामले में अपनी दलील देने लगे तो विधायक बोले वह पूरे अस्पताल की रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय में भेजेंगे।
विधायक प्रमोद विज बुधवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे। वे सबसे पहले आपातकालीन विभाग और फिर रेडियोलोजी विभाग में पहुंचे। इसके बाद ओपीडी और आईसीयू में पहुंचे। उन्होंने यहां मरीजों से भी बात की। उन्हाेंने करीब ढाई घंटे तक इसका निरीक्षण किया।
अल्ट्रासाउंड से पहले बच्चा हो जाता है पैदा
विधायक प्रमोद विज को बताया कि यहां अल्ट्रासाउंड कराने आते हैं तो एक एक माह की तारीख दी जाती है। तब तक गर्भवती बच्चे को जन्म दे देती है। अल्ट्रासाउंड करने वाले रेडियोलोजिस्ट की सप्ताह में दो दिन कोर्ट व पोस्टमार्टम में ड्यूटी होती है। रविवार को उनकी छुट्टी होती है। तीन दिन ही अस्पताल में अल्ट्रासाउंड होते हैं।
विधायक के सवालों पर सिविल सर्जन के जवाब-
विधायक- यहां प्रमाणपत्र के लिए लोग धक्के क्यों खा रहे हैं?
सिविल सर्जन- बिल्कुल सही काम हो रहा है सर, हमारी एक भी पेंडेंसी नहीं है।
विधायक- डॉक्टर कहां है?
सिविल सर्जन- ओपीडी कर रहे हैं। वहीं पर दिव्यांगों की जांच कर रहे हैं।
विधायक- टोकन सिस्टम करो।
सिविल सर्जन- ओपीडी स्लिप पर टोकन सिस्टम लिखा होता है।
विधायक - मरीजों के लिए पानी नहीं हैं, कुर्सियां नहीं है।
- सिविल सर्जन- मरीजों के लिए पानी व कुर्सियों की व्यवस्था की गई है।
विधायक- सीएमओ साहब मैं आपकी दलीलों से खुश नहीं हूं। डीसी के साथ बैठकर व्यवस्था ठीक करेंगे।
सिविल सर्जन- ठीक है सर।
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विधायक के सामने एनएचएम कर्मचारियों ने की नारेबाजी
एनएचएम कर्मचारी सिविल सर्जन के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे थे। जैसे ही उन्हें पता चला कि विधायक प्रमोद विज अस्पताल का निरीक्षण कर रहे हैं। कर्मचारी उनके सामने आ गए। उन्होंने विधायक के समक्ष अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। विधायक ने उन्हें शांत किया और उनसे ज्ञापन लिया।
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यह मिली खामियां
- दिव्यांग प्रमाणपत्र बोर्ड में फिजिशियन नहीं मिले।
- बोर्ड में सिर्फ एक डॉक्टर मिला।
- मरीजों ने विधायक को बताया कि वह कई कई सप्ताह से दिव्यांग प्रमाणपत्र के लिए धक्के खा रहे हैं।
- मरीजों के लिए बैठने की पर्याप्त कुर्सियां नहीं मिली।
- अल्ट्रासाउंड की सही व्यवस्था नहीं मिली।
वर्जन-
अस्पताल की व्यवस्था सुधारेंगे : विज
विधायक प्रमोद विज ने कहा कि अस्पताल में मरीज बहुत परेशान हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर भेजेंगे। डीसी व सिविल सर्जन के साथ बैठक कर अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारेंगे। डॉक्टर बैठते नहीं है। मरीज परेशान होते हैं। कई कई सप्ताह से दिव्यांग धक्के खा रहे हैं।