पानीपत। बिजली निगम की ओर से महराणा गांव में प्रस्तावित 33 केवी पावर हाउस को बनाने के निर्माण कार्य में अवैध कब्जा करने वाले कुछ लोग रोडा डाल रहे हैं। यहां बिजली निगम ने तीन बार निर्माण कार्य शुरू कराया लेकिन अवैध कब्जाधारियों की वजह से निर्माण शुरू नहीं हो सका। अब बिजली निगम जिला योजनाकार के साथ मिलकर अवैध कब्जा करने वालों को हटाने का काम करेगा। इसके बाद प्रस्तावित 33 केवी के पावर हाउस का निर्माण हो सकेगा।
बता दें कि इस प्रोजेक्ट पर बिजली निगम करीब पांच करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। वहीं महराणा गांव की पंचायत ने इस प्रोजेक्ट के लिए निगम को एक एकड़ जमीन दे रखी है। जिस जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध तौर पर कब्जा किया हुआ है।
इस पावर हाउस में बिजली निगम 12.5 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाएगा। जिससे गांव समेत आसपास के कई गांव और कॉलोनियों के लोगों को निर्बाध बिजली सप्लाई मिल सकेगी। ये काम सरकार की ओर से पहले ही मंजूर हो चुका था। अब इसका निर्माण कार्य किया जाना था। बिजली निगम के ठेकेदार की ओर से अधिकारियों के निर्देशों पर तीन बार काम करने का प्रयास किया लेकिन अवैध कब्जा करने वाले लोगों ने इसका विरोध कर दिया। जिससे काम किए बिना ठेकेदार को वापस लौटना पड़ा।
बिजली निगम की सब अर्बन डिवीजन के एक्सईएन आदित्य कुंडू ने बताया कि बिजली निगम की ओर से महराणा की पंचायती जमीन पर पांच करोड़ से 33 केवी सब स्टेशन का निर्माण कराया जाना है। जहां कब्जाधारी निर्माण नहीं होने दे रहे। इन अवैध कब्जों को हटाने के लिए अब जिला योजनाकार विभाग को पत्राचार किया गया है। जिला योजनाकार के कब्जे हटाने के बाद यहां निर्माण शुरू कराया जाएगा।