पानीपत। अब शहर के उन सभी बड़े दुकानदार या शोरूम संचालक, जिन्होंने अपनी दुकान के बाहर किसी और एजेंसी या ब्रांड का विज्ञापन बोर्ड लगा रखा है, उन्हें यह विज्ञापन बोर्ड उतारना होगा। निगम ने ऐसे 47 दुकानदार और शोरूम संचालकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस के साथ चेतावनी दी है कि विज्ञापन न उतारने और निगम के आदेश की अवमानना पर ऐसे दुकानदार और शोरूम संचालकों पर निगम निर्धारित विज्ञापन रेट की मासिक फीस का तीन गुना जुर्माना लगाएगा। इसके अलावा संबंधित दुकान या शोरूम को एक साल के लिए विज्ञापन से डिबार कर दिया जाएगा, जिससे एक साल तक संबंधित इमारत पर किसी भी तरह का विज्ञापन नहीं लगेगा।
दूसरी ओर दूसरे विज्ञापन लगाने वाली या थर्ड पार्टी एडवरटाइजमेंट से संबंधित इमारतों के संचालकों को उन्हें निगम की यूएलबी पोर्टल पर खुद को रजिस्टर भी करवाना होगा। कार्रवाई से पहले निगम ने शहर का सर्वे करवाया और ऐसी 47 साइट को चिह्नित किया है। नोटिस देने के 15 दिन बाद निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि शहर में लगे अवैध विज्ञापन और साइटों पर निगम ने दूसरी बार कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।अवैध विज्ञापन और थर्ड पार्टी विज्ञापन की वजह से अब तक निगम को काफी वित्तीय नुकसान हुआ है। इसे लेकर पहले चरण में निगम की वैध विज्ञापन साइटों पर अवैध तरीके से लगाए विज्ञापनों को उतरवाया। शहर की सड़कों, पोल और छतों पर लगी विज्ञान साइटों को भी खाली करवाया। अब थर्ड पार्टी एडवरटाइजमेंट पर भी निगम कार्रवाई करने जा है।
निगम अधिकारियों ने बताया कि जुर्माना कलेक्टर रेट के प्रति स्कवेयर सेंटीमीटर के हिसाब से लिया जाएगा, जिसे हर माह के हिसाब से गुना कर तीन माह का वसूला जाएगा। मान लीजिए एक साइट का कॉमर्शियल कलेक्टर रेट के हिसाब से दो हजार रुपये प्रति स्क्वॉयर सेंटीमीटर है और 10 स्क्वायर सेंटीमीटर का विज्ञापन है तो इस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना बनेगा। इसे तीन गुना करने पर यह जुर्माना यानी 60 हजार रुपये तक हो जाएगा, जिसे निगम वसूल करेगा।