पानीपत। नगर निगम के दोनों कार्यालयों पर बृहस्पतिवार सुबह मुख्यमंत्री उड़नदस्ते करनाल ने छापा मारा। इस दौरान दोनों कार्यालयों से अधिकतर कर्मचारी और अधिकारी नदारद मिले। टीम ने गैरहाजिरी लगा दी। इसके बाद आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से देरी से आने का कारण पूछा और उसे भी रिकॉर्ड किया गया। टीम ने निगम की सभी शाखाओं का रिकार्ड तलब किया। देरी से आने वाले निगम कर्मियों को फटकार भी लगाई।
इस छापे में मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के करीब 14 अफसर शामिल रहे। छापे की सूचना मिलने के बाद कई निगम अफसर तो अपने कार्यालय ही नहीं आए तो कुछ ने छुट्टी के लिए घर से ही आवेदन कर दिया। निगम आयुक्त भी शाम करीब चार बजे ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स पहुंचे। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने सुनियोजित तरीके से एकसाथ निगम के दोनों कार्यालयों पर सुबह नौ बजे छापा मारा। इसकी अगुुवाई उड़नदस्ते के डीएसपी अजीत सिंह ने की।
एक टीम ने ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स को घेरा तो दूसरी टीम ने पालिका बाजार निगम कार्यालय पर धावा बोला। सबसे पहले निगम में पहुंचे अफसरों और कर्मचारियों को रिकॉर्ड तलब किया गया और कार्यालय में आने जाने वाले लोगों से पूछताछ की गई। डीएसपी ने ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स के 10 , पालिका बाजार के 17 और टैक्स ब्रांच के 13 विभागों की चेकिंग की। यहां खामियां मिलने पर डीएसपी ने निगम कर्मचारियों को खरी खोटी तक सुनाई और लंबित कामों के सुधार के निर्देश दिए। दोपहर तीन बजे कार्रवाई खत्म हुई। सीएम फ्लाइंग की रेड में डीएसपी अजीत सिंह के साथ इंस्पेकटर बलि सिंह, एसआई राज सिंह, एसआई प्रकाश चंद और एएसआई जोगिंद्र समेत अन्य कई अफसर मौजूद रहे।
इन ब्रांचों को रिकार्ड किया तलब-
नगर निगम की इंजीनियरिंग ब्रांच से चल रहे सभी विकास कार्यों समेत शिकायतों का रिकॉर्ड लिया। इसके अलावा स्ट्रीट लाइटों का पूरा डाटा लिया। इसके बाद टैक्स ब्रांच से लंबित 1200 एनडीसी की फाइलों की नोटिंग तैयार करवाई। इनके अलावा मैरिज शाखा, सफाई शाखा, अकाउंट शाखा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ट्रेड लाइसेंस, रेंट ब्रांच, प्रधानमंत्री आवास योजना का भी पूरा रिकार्ड लिया।