पानीपत। चार जिलों में होने वाले इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) के उद्घाटन को लेकर संशय बना हुआ है। विभाग सुबह एसएनसीयू वार्ड के उद्घाटन का नोटिफिकेशन जारी करता है और दोपहर तक कार्यक्रम रद्द कर दिया जाता है। इसको लेकर निदेशालय स्तर पर पांच अगस्त को उद्घाटन तय किया था, लेकिन दोपहर होते होते इसे निरस्त कर दिया गया। एक माह में आईसीयू के उद्घाटन की तारीख चार बार टल चुकी है।
उल्लेखनीय है कि पहले छह जुलाई, 14 जुलाई, 31 जुलाई व अब पांच अगस्त उद्घाटन की तारीख तय की गई थी। अब संभावना जताई जा रही है कि एनएचएम की हड़ताल खत्म होने के बाद ही आईसीयू का उद्घाटन होगा। वहीं दूसरी ओर आईसीयू के संचालन के लिए रोहतक पीजीआई में प्रशिक्षण पर गए डॉ. विशाल, डॉ. मोहित भट्टी, डॉ. गौरव सहगल, डॉ. तरुण महला, नर्सिंग ऑफिसर ज्योति, रवि भारद्वाज, पवन व अरुण का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है बुधवार को अंबाला, पानीपत, रोहतक व हिसार में एक साथ आईसीयू का उद्घाटन होना है।
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दूसरे जिलों से आते हैं मरीज, इसलिए आईसीयू यूनिट जरूरी
गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में असंध, सफीदों, शामली, कैराना व घरौंडा से भी मरीज आते हैं। ऐसे में यहां आईसीयू यूनिट की जरूरत है। इसी कारण यहां ओपीडी में भी मरीजों की संख्या अधिक रहती है और गंभीर मरीज भी आसपास के शहरों से रेफर होकर इमरजेंसी वार्ड में आते हैं। यहां आईसीयू की सुविधा होने से मरीजों को रोहतक पीजीआई व खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर नहीं करना पड़ेगा। आईसीयू वार्ड में ही हाई डिपेंडेंसी यूनिट भी तैयार की गई है। इसमें छह वेंटिलेटर लगाए गए हैं। आईसीयू में मरीजों के स्थिर होने के बाद उनको एचडीयू में शिफ्ट किया जाएगा।
वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि आईसीयू वार्ड पूरी तरह से तैयार है। वह आईसीयू के मरीजों को दाखिल भी कर रहे हैं। अब तक आईसीयू के 18 मरीजों को ठीक भी किया जा चुका है। आईसीयू के उद्घाटन की तारीख मुख्यालय से निर्धारित होनी है। डॉक्टरों व नर्सिंग ऑफिसर का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है। आईसीयू शुरू होने के बाद रोगियों को दूसरे हायर हेल्थ सेंटर में रेफर नहीं करना पड़ेगा।