पानीपत। कुटानी गांव में सिलाई व ब्यूटी पार्लर का काम करने वाली पत्नी को दूध में जहरीला पदार्थ पिलाकर मौत के घाट उतारने के दोषी पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मरने से पहले पत्नी ने पीजीआई खानपुर में डॉक्टर की निगरानी में पुलिस को अपने बयान दर्ज कराए थे। कोर्ट ने इसे सबसे बड़ा आधार मानते हुए फैसला सुनाया है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने दोषी पति पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। पीजीआई खानपुर में डॉक्टर की निगरानी में पुलिस को दिए बयान में कुटानी गांव निवासी रितु उर्फ पिंकी (27) ने 21 मार्च 2019 को बताया था कि वह कपड़े सिलाई और ब्यूटी पार्लर का काम करती है। उसका छह वर्ष का एक बेटा है। उसकी शादी को सात वर्ष हो गए हैं। उसका पति प्रवीन उसके टेलर व ब्यूटी पार्लर के काम से ऐतराज करता था। 20 मार्च को सुबह 10 बजे वह अपनी दुकान पर थी। इसी बीच उसका पति दो अन्य युवकों के साथ आया। दोनों युवक नकाब पहने थे। पति ने दूध में जहरीला पदार्थ मिलाया और जबरदस्ती पिला दिया। उसने शोर मचाया तो पति दोनों साथियों संग फरार हो गया। इसके बाद उसने अपने पिता आजाद सिंह को फोन कर मामले की सूचना दी। उन्होंने उसे सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर बताते हुए उसे पीजीआई खानपुर में रेफर कर दिया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पहले 306 धारा में मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन रितु के बयान के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 को जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया और प्रवीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रवीन ने बताया कि उसका और उसकी पत्नी के बीच काफी समय से मनमुटाव चल रहा था। वह पत्नी पर हाथ उठाता तो वह मायके चली जाती थी। उसकी पत्नी हमेशा आवेश में रहती थी। 20 मार्च को वह 10 बजे घर गया तो कई दिनों में घर आने की बात पर पत्नी झगड़ा करने लगी, जिससे वह आग बबूला हो गया और घटना को अंजाम दिया।