पानीपत। सनौली रोड पर स्क्रैप कारोबारी ने माल का भुगतान न मिलने और धोखाधड़ी से आहत होकर अपनी गाड़ी में बैठकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। इससे उसकी मौत हो गई। जहरीला पदार्थ निगलने के बाद उसने अपने बेटे को फोन कर इसकी जानकारी दी। बेटे ने उसे एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां कारोबारी ने बेटे को तीन स्क्रैप कारोबारियों समेत पांच लोगों को जहर खाने के लिए जिम्मेदार बताया। अस्पताल में उसकी मौत हो गई। चांदनी बाग थाने की पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया और मुकदमा दर्ज किया।
सनौली रोड भीम गोड़ा मंदिर के पास वार्ड-नौ निवासी प्रशांत ने बताया कि उसके पिता श्यामलाल (55) स्क्रैप का काम करते थे। उनके पास दिवेश और अनुराग काम करते थे। उसके पिता ने इन दोनों पर विश्वास कर बिलिंग का काम भी दे रखा था। उसके पिता दूसरी जगह से माल खरीद कर लाला, जतिन और सोनू को स्क्रैप का माल देते थे। इन तीनों ने माल की पेमेंट नहीं दी। उनके बिलों की जांच में धोखाधड़ी मिली। आरोप है कि दिवेश और अनुराग ने उक्त तीनों आरोपियों के साथ बिल में धोखाधड़ी की। उसके पिता ने दोनों को नौकरी से निकाल दिया था। अब लाला, जतिन और सोनू से माल के करीब पांच लाख रुपये मांग रहे थे, लेकिन वे पेमेंट नहीं कर रहे थे। उसके पिता ने सोमवार दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे उसके पास फोन कर जहरीला पदार्थ निगलने की बात बताई।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। उसके बेटे की शिकायत पर पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
-प्रदीप कुमार, प्रभारी, चांदनीबाग थाना पुलिस।