पानीपत। अग्रवाल मंडी जैन स्थानक में अरुण मुनि ने प्रवचन दिया। अरुण मुनि ने कहा कि आत्मा की गहराई को अनुभव करने, अपने पापों को पहचानने और धर्म के वास्तविक अर्थ को समझने का प्रयास करना चाहिए। आज के इंसान की जिंदगी एक मशीन जैसी बन गई है। वह सुबह से शाम तक एक ही तरह की दिनचर्या में लगा रहता है। देश भले आजाद हो गया हो पर इंसान अब भी अपनी आदतों और ईगो का गुलाम है। व्यक्ति सोच व अपनी ईगो से आज तक आजाद नहीं हो पाया है। हमें जीवन में कुछ समय स्वयं के साथ भी व्यतीत करना चाहिए। दिन में क्या अच्छा क्या बुरा किया उस पर विचार करना चाहिए। जीवन में आत्मिक खुशी के बारे में भी सोचना चाहिए और स्वयं के लिए भी कुछ करना व स्वयं के साथ समय व्यतीत करना चाहिए। प्रवचन सुनने के लिए आस-पास के क्षेत्रों से श्रावक-श्राविकाएं पहुंची। संवाद